यूपी की दो सीटों पर उपचुनाव के लिए पार्टियों में सरगर्मियां बढ़ीं

October 16, 2017, 11:12 AM
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उत्तर प्रदेश में गोरखपुर और फूलपूर लोकसभा सीट पर होने वाले उपचुनाव को लेकर धीरे-धीरे सभी मुख्य पार्टियों में सरगर्मियां तेजी से बढ़ रही हैं. अमेठी में कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी और भाजपा अध्यक्ष अमित शाह की यात्रा और आगरा में होने वाले समाजवादी पार्टी के सम्मेलन को इसी के मद्देनजर देखा जा रहा है.

वैसे अभी इन दोनों लोकसभा सीटों के लिए चुनाव आयोग ने उपचुनाव के लिए अभी किसी तारीख की घोषणा नहीं की है, लेकिन पार्टियों की सरगर्मियां तेज हो रही हैं. इन सीटों में से गोरखपुर की सीट मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और फूलपुर सीट उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य के उत्तर प्रदेश विधान परिषद में जाने के कारण खाली हुई है.

भारतीय जनता पार्टी के लिए दोनों लोकसभा सीटें काफी मायने रखती हैं, क्योंकि गोरखपुर सीट भाजपा का मजबूत गढ़ मानी जाती है और 1991 से यह सीट पार्टी के पास है, जबकि फूलपुर सीट वर्ष 2014 के चुनाव में भाजपा पहली बार जीती थी.

उपचुनाव में भाजपा के अच्छे प्रदर्शन का दावा करते हुए पार्टी के प्रदेश प्रवक्ता मनीष शुक्ला ने दावा किया कि पार्टी दोनों उपचुनाव आसानी से जीतेंगी, इसके साथ ही पार्टी का जीत का अंतर भी पहले से काफी अधिक होगा.गौरतलब है कि 2014 के चुनाव में फूलपुर में मौर्य ने अपने नजदीकी सपा उम्मीदवार को तीन लाख से अधिक वोटो से हराया था. वहीं गोरखपुर में आदित्यनाथ ने अपने नजदीकी सपा उम्मीदवार को तीन लाख 12 हजार से अधिक वोटों से शिकस्त दी थी.

पिछले सप्ताह भाजपा के प्रमुख नेताओं ने नेहरू गांधी परिवार की विरासत पर सवाल उठाया था और पार्टी अध्यक्ष अमित शाह ने राहुल गांधी के अपने लोकसभा क्षेत्र में कराए गए विकास कार्यों पर सवालिया निशान लगाया था. शाह और केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री ने राहुल गांधी पर निशाना साधा था.

इससे पहले राहुल गांधी ने अपनी अमेठी यात्रा के दौरान भाजपा की केंद्र और प्रदेश सरकार पर आरोप लगाया था कि भाजपा सप्रंग सरकार के पूर्व में जिले में जो परियोजनाएं लाई गई थी, उन्हीं को दोबारा शुरुआत और दोबारा उद्घाटन (रिलांच) कर रही है.

पिछली बार इन दोनों सीटों गोरखपुर और फूलपूर में दूसरे नंबर पर रहने वाली समाजवादी पार्टी जो कि कांग्रेस की सहयोगी पार्टी है इन दोनों सीटों पर उपचुनाव लड़ने का मन बना रही है. सपा के प्रवक्ता हिलाल अहमद ने कहा कि हम निश्चित ही लोकसभा उपचुनाव लड़ेंगे और इस दिशा में पार्टी काम भी कर रही है.

वहीं सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने पिछले सप्ताह आगरा सम्मेलन में कहा था कि दोनों उपचुनाव पार्टी के लिए बहुत महत्तवपूर्ण है. अगर इनके परिणाम हमारे पक्ष में आते हैं तो यह लोकसभा के 2019 चुनावों के लिए तो एक अच्छा संदेश होगा साथ ही 2022 में होने वाले विधानसभा चुनाव के लिए भी पार्टी के लिए सकारात्मक संदेश जाएगा.

प्रदेश की एक अन्य बड़ी पार्टी बहुजन समाज पार्टी (बसपा) की तरफ से कोई ऐसा इशारा अभी तक नहीं है कि वह इन उपचुनावों में मैदान में उतरेगी या नहीं. पार्टी के एक अंदरूनी सूत्र ने बताया कि वैसे तो मायावती की पार्टी उपचुनाव से दूर ही रहती है, लेकिन इस बार दृश्य कुछ अलग है और इस बारे में कुछ भी नहीं कहा जा सकता है.

Source-News 18

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