25 Oct 2017

सिस्टम और बिल्डर्स की राजनीति का मोहरा बन गए हैं हम-नेफोवा

सिस्टम और बिल्डर्स की राजनीति का मोहरा बन गए हैं हम-नेफोवा

ये अच्छी बात है कि कुछ मामलों में कोर्ट ने बिल्डर्स को ऑर्डर दिया है कि वो हम फ्लैट खरीदारों का रुपया लौटाए. लेकिन तकनीकि रूप से देखा जाए तो उसमें भी हमे ही नुकसान उठाना पड़ रहा है. ये कहना है कि नोएडा एक्सटेंशन फ्लैट ओनर्स वेलफेयर एसोसिएशन (नेफोवा) की जनरल सैक्रेटरी श्वेता भारती का.

हिन्दी न्यूज18 डॉट कॉम से हुई खास बातचीत के दौरान श्वेता ने बताया कि यूनिटेक और सुपरटेक के मामले में कोर्ट रुपया लौटाने का ऑर्डर दे चुका है. अर्थ बिल्डर्स के मामले में डॉयरेक्टर को गिरफ्तार किया हुआ है. लेकिन रुपये लौटाने का आदेश नहीं दिया है. आम्रापाली वाले मामले में भी कुछ उम्मीद है कि खरीदारों को पैसा लौटाने का आदेश दिया जा सकता है.

इससे तो हम आंसू भी नहीं पोछ सकते
श्वेता भारती का कहना है कि सही पूछिए तो ये हमारे आंसू पोछने वाली बात भी नहीं है. आप हमें हमारी जमा रकम लौटा रहे हैं. कुछ मामले में ब्याज भी दिया जा रहा है. लेकिन ब्याज भी कितना कम दिया जा रहा है ये सबको पता है.

दूसरी बात ये कि आज कोर्ट ने आदेश दिया है तो भी बिल्डर कब पैसा लौटाएगा इसका कोई ठिकाना नहीं है. कोर्ट के आदेश के बाद भी बिल्डर्स चक्कर लगवाते रहते हैं. अभी तक हमें पैसा वापसी के रूप में बिल्डर्स से एक किस्त तक नहीं मिली है.

पैसा लौटाने में भी है बिल्डर्स का फायदा
श्वेता भारती के अनुसार फ्लैट खरीदारों को फ्लैट का पैसा लौटाने में भी बिल्डर्स का ही फायदा है. हम लोगों को पैसा लौटाकर बिल्डर्स उन फ्लैट को नई रेट पर बेचेंगे या फिर वहां पर कोई और नया प्रोजेक्ट तैयार कर नए बाजार रेट का फायदा उठाएंगे.

बहुत सारे ऐसे प्रोजेक्ट हैं जहां 10 साल पहले जमीन खरीदकर खरीदारों से फ्लैट की बुकिंग की गई थी. उस वक्त और आज के जमीन के रेट में अच्छा खासा अंतर है. इसलिए जानबूझकर सिस्टम और बिल्डर्स ऐसे हालात पैदा करते हैं कि खरीदार या तो खुद पैसा मांगने लगे या फिर कोर्ट इस तरह का आदेश कर दे.

नोएडा और ग्रेनो में हैं 1.5 से 2 लाख खरीदार
जनरल सैक्रेटरी श्वेता भारती की मानें तो आज की तारीख में नोएडा और ग्रेटर नोएडा एक्सटेंशन में 1.5 से 2 लाख ऐसे फ्लैट खरीदार हैं जो फ्लैट या अपने रुपयों की वापसी का इंतजार कर रहे हैं. करीब 25 प्रतिशत लोग ऐसे हैं जो चाहते हैं कि इतने साल बाद हालात अब ऐसे हो गए है कि उन्हें तो पैसे ही मिल जाएं तो वो बीच में से हट जाएंगे.

Source-News 18

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