2 Apr 2018

एफसीआई वॉचमैन भर्ती परीक्षा का पेपर 5-5 लाख में बिका, 2 एजेंट और 48 कैंडिडेट गिरफ्तार

रविवार को फूड काॅरपोरेशन आॅफ इंडिया (एफसीआई) में वॉचमैन की भर्ती परीक्षा से पहले पेपर लीक होने का मामला सामने अाया है। स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) ने शनिवार को ग्वालियर से दो एजेंट और 48 कैंडिडेट्स को गिरफ्तार किया। यहां एजेंट एक होटल में कैंडिडेट्स को पर्चा सॉल्व करा रहे थे। पेपर दिल्ली से लीक हुआ। कैंडिडेट्स को ये पेपर पांच-पांच लाख रुपए में बेचा गया। जिसका पेमेंट नौकरी लगने के बाद देना तय हुई थी। इन सबका परीक्षा केंद्र भोपाल में था। रविवार को सुबह 11 बजे से 2 बजे तक पेपर होना था। बता दें कि पिछले दिनों सीबीएसई बोर्ड के कुछ पेपर लीक हो गए थे, दिल्ली पुलिस इसकी जांच कर रही है।
कितने पदों पर और कहां-कहां होनी थी ये परिक्षा?

- एफसीआई के वॉचमैन पद पर एमपी जोन के 217 पदों के लिए यह परीक्षा भोपाल, सागर, इंदौर, ग्वालियर, उज्जैन, सतना एवं जबलपुर में रविवार को होना थी। 700 कैंडिडेट्स इस परीक्षा में शामिल हुए।

एसटीएफ को कब मिली थी मामले की सूचना?

- एसटीएफ डीएसपी सुनील शिवहरे के मुताबिक, उन्हें सात दिन पहले ही भनक लग गई थी कि पर्चा लीक कराकर भोपाल, ग्वालियर या रतलाम में हल कराया जाएगा। इस इनपुट पर दो दिन पहले शहर के सभी होटल, लॉज और होटल पर एसटीएफ ने नजर रखना शुरू कर दी थी।

- शनिवार को पता चला कि ग्वालियर के गांधी नगर स्थित सिद्धार्थ पैलेस में एफसीआई द्वारा आयोजित पेपर देने के लिए कैंडिडेट इकट्ठे हुए हैं। शनिवार की रात 9 बजे एसटीएफ टीम ने मौके पर दबिश दी।

रेड में होटल के अलग-अलग कमरों में पेपर सॉल्व करते मिले कैंडिडेट्स

- एसटीएफ ने सिद्धार्थ पैलेस होटल में जब दबिश दी तब अलग-अलग कमरों में कैंडिडेट्स के ग्रुप बनाकर पेपर हल करवाया जा रहा था। पुलिस ने इनसे हाथ से लिखा पर्चा भी जब्त किया है।

- एसटीएफ द्वारा एफसीआई के आला अफसरों को भी सूचना दी गई। रविवार दोपहर 2 बजे पेपर खत्म होने के बाद मिलान कराया गया तो इस बात की पुष्टि हो गई कि पेपर लीक हुआ है।

कहां से लीक हुआ था ये पेपर अौर कौन है मास्टरमाइंड?

एसटीएफ द्वारा गिरफ्तार दिल्ली निवासी एजेंट आशुतोष कुमार और हरीश कुमार ने पूछताछ में बताया कि उन्हें पेपर दिल्ली में रहने वाले मास्टर माइंड किशोर कुमार ने मुहैया कराया था। शनिवार शाम तक मास्टर माइंड किशोर कुमार भी ग्वालियर में ही था। कैंडिडेट्स से मिले एडवांस रुपए लेकर वह चला गया। आशुतोष कुमार खुद को बीकॉम सेकंड ईयर का स्टूडेंट बताता है। जबकि, हरीश ईवेंट मैनेजमेंट ग्रुप का सदस्य है।

एजेंट्स को पेपर सॉल्व कराने और परिक्षा केन्द्र तक कैडिडेट्स को भेजना था

गिरफ्तार एजेंट्स के मुताबिक, उनका काम कैंडिडेट्स को इकट्ठा करके पेपर सॉल्व कराना था। इसके एवज में उन्हें 30-30 हजार रुपए मिले थे। पेपर सॉल्व कराने के बाद सभी छात्रों के मोबाइल फोन अपने कब्जे में लेकर उन्हें पेपर देने भोपाल रवाना करना था। पेपर देने के बाद छात्रों के मोबाइल फोन वापस किए जाते।

कहां से हैं पकड़े गए कैंडिडेट्स?

एसटीएफ ने जिन 48 स्टूडेंट काे पकड़ा है उनमें से 35 बिहार, 13 उत्तरप्रदेश और हरियाणा के हैं। उन्होंने बताया कि उनसे 5-5 लाख रुपए में सौदा हुआ था। 50-50 हजार रुपए एडवांस लिए गए थे, इसके साथ ही उनके ऑरिजनल दस्तावेज जैसे मार्कशीट, आधार कार्ड आदि भी इन लोगों ने अपने पास रख लिए थे। सिलेक्शन होने के बाद बाकी रुपए देने के बाद ही उनके ऑरिजनल दस्तावेज वापस मिलना थे।

दोनों एजेंट 10 तक रिमांड पर

दोनों एजेंटों कोे कोर्ट में पेश किया गया। जहां से उन्हें 10 अप्रैल तक रिमांड पर दिया गया है। जबकि, 48 कैंडिडेट्स को एसटीएफ सोमवार को कोर्ट में पेश करेगी।

तीन हिस्सों में काम करता था ये गिरोह

1. मास्टरमाइंड और उसके नजदीकी लोग पेपर लेकर आते थे। 2. अलग-अलग जगहों से पेपर के खरीदारों को तलाश किया जाता था। 3. सदस्य इन लोगों को एक जगह पर इकट्ठा करवाकर पेपर सॉल्व करवाते थे।

Source -Dainik Bhaskar

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