फ्रांस प्री-क्वार्टरफाइनल में, एमबापे ने रचा इतिहास



रूस में खेले जा रहे 21वें फीफा विश्व कप में ग्रुप सी के मुकाबले में गेंद पर कब्जे के मामले में पिछड़ने के बावजूद फ्रांस ने पेरू को 1-0 से हराकर प्री-क्वार्टरफाइनल में प्रवेश कर लिया. हाफ टाइम तक विजेता टीम को 1-0 की बढ़त हासिल थी. फ्रांस के लिए यह गोल खेल के 34वें मिनट में के एमबापे ने किया. इसी के साथ ही इस युवा खिलाड़ी ने नया इतिहास रच दिया. पहले हाफ में फ्रांस का गेंद पर 47 प्रतिशत तो फ्रांस का 53 फीसदी गेंद पर कब्जा रहा. इस दौरान फ्रांस के खिलाड़ियों ने 236 पास किए, तो पेरू के खाते में 266 पास रहे. लेकिन लगातार हमलों के बीच फ्रांस महत्वपूर्ण बढ़त हासिल करने में कामयाब रहा. एमबापे को ही मैन ऑफ द मैच चुना गया.




फ्रांस का डिफेंस पेरू के तमाम प्रयासों के बाद अपनी बढ़त को बनाए रखने में कामयाब रहा. पूरे मैच में दोनों टीमों के बीच अच्छी टक्कर देखी गई. पहले 10 मिनट सिर्फ पेरू हावी रही. सातवें मिनट में क्रिस्टिन कुएवा और पाउलो गुएरो ने पेरू के लिए मौका बनाया जिसे सैमुएल उमतिति ने अकेले रोक दिया. खेल के 12वें मिनट में फ्रांस के लिए पॉल पोग्बा ने 25 यार्ड से किक लगाई जो गोल पोस्ट में नहीं गई. 14वें मिनट में वाराने ने कॉर्नर पर एंटोनी ग्रीजमैन की किक से हेडर से नेट में डालने का प्रयास किया जिसे पेरू के डिफेंडर ने नकार दिया.

फ्रांस और पेरू ने अपनी कशिशें जारी रखीं. सफलता आखिरकार फ्रांस को मिली. एमबापे ने फ्रांस को 1-0 से आगे कर दिया. ओलिवर जीरू ने पेरू के डिफेंस को भेदते हुए पेरू के गोलकीपर के ऊपर से गेंद एमबापे को दी जिन्होंने खाली पड़े गोल में हल्के से गेंद को डाल अपनी टीम को बढ़त दिला दी. दूसरे हाफ में पेरू बराबरी की कोशिश में थी और 50वें मिनट में लगभग उसने बराबरी कर ही थी. तब प्रेडो एक्वीनो ने बॉक्स के बाहर मध्य से शानदार किक लगाई. गेंद नेट के अंदर जा ही रही थी लेकिन शायद पेरू की किस्मत में गोल नहीं था और गेंद पोल से टकरा कर बाहर चली गई.

खेल के 68वें मिनट में भी पेरू किस्मत की बेरहमी से गोल करने से चूक गई। लुइस एडविनक्वेला ने बॉक्स के बाएं कोने से शॉट लिया जो गोलपोस्ट के ऊपरी हिस्से के काफी करीब से बाहर चला गया. पेरू ने दूसरे हाफ के अंत में गोल करने के काफी प्रयास करते हुए फ्रांस के डिफेंस की कड़ी परीक्षा ली जिसमें फ्रांस पास हो गई और पेरू को गोल के महरूम रखते हुए तीन अंक लिए

दूसरे हाफ में दोनों टीमों के बीच जोरदार मुकाबला देखने को मिला. इस दौरान पेरू के खिलाड़ियों ने फ्रांस के गोलपोस्ट पर कई निशाने साधे, लेकिन किस्मत ने उसका साथ नहीं दिया. आप यह जानकर चौंकेंगे कि पूरे मैच में जहां फ्रांस के खिलाड़ियों का गेंद पर कब्जा 43 प्रतिशत रहा, तो पेरू के कब्जे में गेंद 57 प्रतिशत रही.लेकिन इसके बावजूद पेरू के खिलाड़ी अपनी कोशिशों को गोल में तब्दील नहीं कर सके. दोनों टीमों की तरफ से ही छह-छह बार ऐसी किक लगाई गईं, जो गोलपोस्ट के दाएं-बाएं या ऊपर से निकल गईं. वहीं गोलपोस्ट पर फ्रांस ने चार बार निशााना साधा, तो पेरू ने 2 बार. लेकिन इन छह में फ्रांस के शॉट को गोल में तब्दील होने का सौभाग्य प्राप्त हुआ. 

दो मैचों में दो जीत के बाद 1998 की विश्व विजेता फ्रांस के छह अंक हो गए हैं और वह अंक तालिका में पहले स्थान पर है. अपने ग्रुप से अंतिम-16 में जाने वाली फ्रांस पहली टीम है. पेरू को अपने दोनों मैचों में हार मिली जिससे वो अगले दौर के रेस से बाहर हो गई है. साथ ही, एमबापे विश्व कप में अपने देश के लिए गोल करने वाले सबसे युवा खिलाड़ी बन गए हैं. एमबापे की उम्र इस समय 19 साल 183 दिन है. उनसे पहले डेविड ट्रेजेगुएट ने 20 साल 246 दिन की उम्र में फ्रांस के लिए विश्व कप में गोल किया था. 

कुल मिलाकर फ्रांस ने पेरू पर जीत दर्ज दिखाया कि धीरे-धीरे उसकी टीम की कोशिशें रंग लगा रही हैं. खिलाड़ियों ने पूरी तरह से अपने आपको झोंक दिया है. और यह फ्रांसिसी टीम आगे भी कद्दावर टीमों को चौंकाने की काबिलियत हासिल करने की ओर दिखाई पड़ रही है. यह जीत फ्रांस को बहुत ही ज्यादा भरोसा देने वाली साबित हो सकती है.

Source - NDTV 

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