15 अगस्त को रिलीज हुई शोले के बारे में ये 10 बातें जानते हैं आप?



हिन्दी सिनेमा को नए आयाम पर ले जाने वाली फिल्म 'शोले' आज यानि 15 अगस्त को ही रिलीज हुई थी. जानिए फिल्म 'शोले' की ऐसी ही 10 दिलचस्प बातें. 

एक गॉसिप मैगजीन के मुताबिक धर्मेंद्र पहले ठाकुर का रोल करना चाहते थे लेकिन जब उन्हें पता चला कि उनकी क्रश हेमा मालिनी कैरेक्टर वीरू के अपोजिट काम करेंगी, तो वह तुरंत वीरू के किरदार के लिए राजी हो गए. फिल्म में पहले वीरू का रोल संजीव कुमार करने वाले थे और संजीव कुमार ने फिल्म के ठीक पहले हेमा मालिनी को प्रपोज किया था लेकिन हेमा ने उनका प्रपोजल अस्वीकार कर दिया था.

गब्बर का किरदार एक असल जिंदगी के एक डाकू से इन्सपायर्ड था. वह गब्बर नाम का डाकू ग्वालियर के पास रहता था जो पुलिस वालों की नाक कान काट लेता था.

पहले गब्बर का रोल डैनी करने वाले थे लेकिन उस समय वह अपनी दूसरी फिल्म की शूटिंग के चक्कर में अफगानिस्तान गए हुए थे जिसकी वजह से मेकर्स ने ये रोल अमजद खान को दे दिया.

'शोले' पहली फिल्म थी जो स्टारियोफोनिक साउंड के साथ 70mm में बनाई गई थी.

पहले प्लान के मुताबिक फिल्म में गब्बर को ठाकुर मारता है लेकिन सीन काफी हिंसक दिख रहा था जिसके बाद मेकर्स ने इसमें बदलाव किया. फिल्म में बच्चे के किरदार सचिन को भी क्रूरता के साथ मारने का सीन था जिसे भी हटा दिया गया था.

फिल्म 15 अगस्त 1975 को कई सिनेमाघरों में रिलीज हुई थी लेकिन फिल्म की शुरूआत काफी खराब रही थी लेकिन कुछ ही समय बाद फिल्म ब्लॉकबस्टर साबित हुई थी.

पहले जय का कैरेक्टर शत्रुघ्न सिन्हा करने वाले थे. शत्रुघ्न मेरा गांव मेरा देश करने के बाद से काफी फेमस हो गए थे.

फिल्म के क्लाइमेक्स में असली बंदूक की गोलियों का प्रयोग किया गया था. कहा जाता है कि धर्मेंद्र की एक गोली अमिताभ को लग सकती थी लेकिन वह बहुत नजदीक से निकल गई.

गब्बर फिल्म का सबसे प्रसिद्ध किरदार था, गब्बर का कैरेक्टर. यह आज भी बॉलीवुड के टॉप विलेन की श्रेणी में आता है. फिल्म में गब्बर के कुल 9 सीन थे. फिल्म की शुरुआत में गब्बर ठाकुर के एक लड़के को मार देता है वह लड़का थिएटर एक्टर अरविंद जोशी थे. शर्मन जोशी अरविंद जोशी के ही बेटे हैं.


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