नोटबंदी में जमा नोटों का क्या हुआ, क्या 2000 के नोट बंद होंगे? जानिए सरकार का जवाब




नोटबंदी के करीब दो साल बाद सरकार ने शुक्रवार को बताया कि रिजर्व बैंक स्क्रैप करंसी नोटों का वेरिफिकेशन पूरा कर चुका है. नोटबंदी में जमा हुए नोटों की संख्या उस समय तक जारी हुए नोट से ज्यादा नहीं थी. टीवी न्यूज चैनल्स ने न्यूज एजेंसी कोजेंसिस के हवाले से यह जानकारी दी है.

सरकार ने यह भी कहा है कि नोटबंदी के बाद बेकार हुए 500 और 1000 रुपए के नोटों को वेरिफाई करने के बाद रिजर्व बैंक की तरफ से नष्ट कर दिया गया है. पिछले साल आरबीआई रिपोर्ट में यह जानकारी आई थी कि नोटबंदी में रद्द की गई 99 फीसदी करंसी वापस बैंकिंग सिस्टम में वापस आ गई.

2000 के नए नोट बंद करने पर सरकार का जवाब

हालांकि, इस बीच अभी तक यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि 2000 रुपए के करंसी नोट को वापस लेने की सुगबुगाहट कहां से आई है. नोटबंदी के बाद सरकार ने बार-बार यह साफ किया कि नोटबंदी के बाद जारी हुए हाई वैल्यू के करंसी नोट वापस लेने का कोई प्रस्ताव नहीं है. पिछले साल वित्त मंत्री अरुण जेटली ने संसद में एक सवाल के लिखित जवाब में कहा था कि 2000 के करंसी नोट वापस लेने का कोई प्रस्ताव नहीं है.


चंद्रबाबू ने की थी हाई वैल्यू नोट बैन करने की मांग

इस साल मार्च में आंध्र प्रदेश के सीएम चंद्रबाबू नायडू ने हाई वैल्यू करंसी नोटों को बैन करने की मांग की थी. उनका कहना था कि चुनाव के दौरान भ्रष्टाचार को रोकने के लिए यह कदम मददगार होगा. एनडीए सरकार के सहयोगी रहे नायडू ने बैंकिंग सिस्टम में 2000 रुपए के नोट जारी करने का विरोध किया था.

अप्रैल में हुई थी कैश की किल्लत

बीते अप्रैल में देश के कुछ राज्यों में कैश की भारी किल्लत हो गई थी. कई राज्यों के एटीएम आउट आॅफ कैश हो गए थे. इस पर सरकार का कहना है कि वित्त वर्ष की समाप्ति और त्योहारों के चलते नकदी की भारी मांग के चलते ऐसी स्थिति पैदा हुई. कैश की किल्लत के लिए 2000 के नोटों की कमी और 200 रुपए के नोटों के हिसाब से एटीएम कैसेट्स में बदलाव न होना पाना भी बताया गया.

Source - FE 


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