अपनी बढ़ी हुई सैलरी बैंक में न रखकर यहां करें निवेश, 5 साल में बना लेंगे लाखों का फंड



अगर आप नौकरीपेशा हैं तो जाहिर तौर पर आपको अप्रैल महीने का इंतजार रहता होगा। अप्रैल ऐसा महीना होता है जब नए वित्त वर्ष की शुरुआत के साथ ही कंपनियों में अप्रेजल की प्रक्रिया शुरू हो जाती है। जून-जुलाई आते-आते कंपनी आपको बढ़ी हुई सैलरी एरियर के साथ दे देती है। ऐसे में काफी सारे लोग फिजूलखर्ची में अपनी बढ़ी हुई सैलरी को जाया कर देते हैं तो कुछ लोग अपनी इस बढ़ी हुई सैलरी को बैंक में पड़ा रहने देते हैं, क्योंकि इन लोगों का मानना होता है कि बैंक में पैसा सेफ भी रहेगा और उस पर थोड़ा बहुत ब्याज भी मिल जाएगा।

निवेश रणनीति के लिहाज से ये दोनों सोच गलत हैं। आप अपनी इस बढ़ी हुई सैलरी को एक खास निवेश विकल्प में लगाकर कुछ ही वर्षों में लाखों रुपये का फंड बना सकते हैं, जो कि आपके काम आ सकता है। जैसे कि घर का डाउनपेमेंट, कार का डाउनपेमेंट या फिर पारिवारिक लोन का भुगतान। इस खास निवेश विकल्प का नाम है सिप यानी सिस्टमैटिक इन्वेस्टमेंट प्लान। यहां आप पैसा निवेश कर बैंक के सेविंग अकाउंट से ज्यादा रिटर्न पा सकते हैं। ऐसा इसलिए क्योंकि इस निवेश विकल्प में मिलने वाला रिटर्न बाजार आधारित होता है जो कि अमूमन 12 से 15 फीसद के आसपास होता है।



बढ़ी हुई सैलरी से कैसे बनेगा मोटा फंड?

मान लें इस साल आपकी कंपनी ने आपकी इन-हैंड मासिक सैलरी में 7,500 रुपये का इजाफा किया है। अगर आप इस अतिरिक्त सैलरी को सिप में निवेश करते हैं और इस निवेश को मात्र 5 साल तक जारी रखते हैं, तो 15 फीसद के अनुमानित रिटर्न के साथ आपके पास 5.7 लाख रुपये का फंड होगा

इस फंड का इस्तेमाल आप अपने नए घर के डाउनपेमेंट का भुगतान करने में, नई कार का डाउनपेमेंट करने में या फिर घर की कोई जरूरी चीज खरीदने में कर सकते हैं। सिप में निवेश की प्रक्रिया बोझिल नहीं बल्कि बेहद आसान है।

ये है पूरा गणित: जितना आसान सिप में निवेश करना है, उतना ही आसान इस पर मिलने वाली रिटर्न की गणना करना भी है। इंटरनेट पर उपलब्ध सिप टूल के जरिए आप ऐसा कर सकते हैं।

Source - Jagran 


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