सुनिए कैसे लड़कियों का डिप्रेशन केवल एक बॉयफ्रेंड ही कम कर सकता है



एप लॉन्च किया गया है जिसका नाम है 'Rent A Boyfriend(RABF)'. ये दावा कर रहा है कि किराए पर बॉयफ्रेंड लीजिए और 'तनाव से मुक्ति पाइए'. यानी इस एप को लॉन्च करने का मकसद मस्ती मजाक नहीं बल्कि डिप्रेशन का इलाज करना है.

इस फरवरी वैलेंटाइन डे पर गुड़गांव के एक लड़के शकुल ने खुद को किराए पर देने की पेशकश की थी. इसमें उसने बाकायदा पैकेज भी रखे थे. ये पोस्ट सोशल मीडिया पर खूब वायरल हुई थी. लेकिन तब दिमाग में एक ही ख्याल आया था कि क्या वाहियात चीज है, भला कोई बॉयफ्रेंड भी किराए पर लेता है! खैर...





कुछ दिनों बाद चीन से भी इसी से मिलती जुलती खबर आई कि वहां भी मॉल्स में ब्वॉयफ्रेंड किराए पर मिलने लगे हैं. ये नया-नया बिजनेस चीन में अच्छा खास फल फूल रहा है. वहां तो बाकायदा इन्हें डिस्प्ले पर लागाया जाता है और कीमत भी लिखी होती है. और तो और वहां 'Hire me Plz' नाम का एक एप काफी समय से ऐसी ही सर्विसेज दे रहा है.



अब जब देश-विदेश में इतना कुछ हो रहा हो क्या हमारे इंटरप्रोनॉर्स खाली बैठे रहेंगे. 29 वर्षीय कौशल प्रकाश ने भी इस दिशा में पैसा लगाने की ठानी लेकिन एक ट्विस्ट के साथ. मुंबई में इन्होंने एक एप लॉन्च किया गया है जिसका नाम है 'Rent A Boyfriend(RABF)'. ये एप मुंबई और पुणे में काम करेगा.
अब इस ट्विस्ट के बारे में जान लीजिए-

जैसा कि आपको नाम से ही पता चलता है कि भई बोर हो रहे हैं, बॉयफ्रेंड नहीं है, तो आइए पैसे दीजिए और ले जाइए बॉयफ्रेंड. लेकिन न तो ये शकुल की तरह मजाक था और न ही ये चीन है. ये भारत है भारत. यहां इतनी क्रांतिकारी चीजें नहीं होतीं. बजरंग दल के लोग तमतमाते हुए आते हैं और सारी प्लानिंग पर झाड़ू फेर कर चले जाते हैं. लिहाजा एप ये दावा कर रहा है कि किराए पर बॉयफ्रेंड लीजिए और 'तनाव से मुक्ति पाइए'. यानी इस एप को लॉन्च करने का मकसद मस्ती मजाक नहीं बल्कि डिप्रेशन का इलाज करना है.

समझ रहे हैं न आप ?? (आजकल डिप्रेशन के लिए डॉक्टर्स और साइकाइट्रिस्ट के पास कौन जाता है...लोग क्या कहेंगे??)

यानी कौशल प्रकाश के हिसाब से भारत में डिप्रेशन तभी जा सकता है जब हर लड़की के पास एक बॉयफ्रेंड हो. तालियां!!

बता दें कि इसकी को ओनर डॉक्टर सोनाली प्रकाश भी हैं जो एक एमबीबीएस डॉक्टर हैं. प्रकाश का कहना है कि उनके टोल फ्री नंबर पर लोग मानसिक स्वास्थ्य चिकित्सक से भी बात कर सकते हैं. उनके कॉल सेंटर पर ट्रेंड मनोचिकित्सक हैं जो लोगों की काउंसलिंग करेंगे और 15- 20 मिनिट तक बात करने के 500 रुपए चार्ज करेंगें.

प्रकाश का कहना है कि किसी भी तरह का सेक्सुअल कॉन्टेक्ट नहीं किया जाएगा या किसी प्राइवेट जगह पर मीटिंग भी नहीं होगी. पर देखिए फिर भी उन्होंने लड़कियों को लुभाने के लिए A ग्रेड मॉडल्स की एब्स दिखाती शर्टलेस तस्वीरें अपलोड कर रखी हैं (डिस्प्ले में).
कितने का लगा रहे हैं बॉयफ्रेंड-

देखिए बॉयफ्रेंड बनने के लिए इनके पास हर उम्र और कैटेगरी के बंदें हैं. जैसे सेलिब्रिटी बॉयफ्रेंड, मॉडल बॉयफ्रेंड से लेकर सामान्य घरेलू टाइप बॉयफ्रेंड. सेलिब्रिटी बॉयफ्रेंड 3000 रुपए, मॉडल बॉयफ्रेंड 2000 रुपए और सामान्य वाला 400 रुपए प्रति घंटे के हिसाब से मिल रहे हैं. अब जानना चाहेंगे कि सेलिब्रिटी में कौन? तो इस साल मिस्टर इंडिया का टाइटल जीतने वाले सूरज दहिया सेलिब्रिटी बॉयफ्रेंड होंगे जो आपको इमोशनल काउंसलिंग भी देंगे.

घाव पर नमक लगेगा जब बॉयफ्रेंड बनने की योग्यता जानेंगे-

इनकी वेबसाइट का कहना है कि आप भी बॉयफ्रेंड बनने के लिए रजिस्टर कर सकते हैं. बस आप ‘well-behaved’ यानी शालीन हों और इमोशनल सपोर्ट देने में सक्षम हों. और शिक्षा 10वीं या 12वीं पास. 

मतलब बॉयफ्रेंड बनने की इलिजिबिलिटी केवल 10वीं पास होना है??

सुन रही हो न लड़कियों??

प्ले स्टोर खोलकर देखेंगे तो पता चलता है कि 10 हजार लोगों ने ये एप डाउनलोड भी कर ली है. लेकिन रिव्यू देखेंगे तो पता चलेगा कि दुकान अभी ठीक से जमी नहीं है.

लेकिन प्रकाश भइया जरा इस बात पर भी प्रकाश डालिए कि अगर तनाव लड़कों को हो तो?? तो क्या आप लड़कियां सॉरी..गर्लफ्रेंड्स भी प्रोवाइड कराते हैं? तो प्रकाश का कहना है कि 'वो थोड़ा ऑकवर्ड होगा न इंडिया में, बाहर तो चलता है'

अब आप देखिए भारत के कुछ लोग कितने क्रिएटिव हैं और कितनी हिम्मत रखते हैं ऐसे आइडियाज़ पर काम करने की. इनकी हिम्मत को सलाम. कौशल प्रकाश और डॉक्टर सोनाली प्रकाश भारत की लड़कियों के बारे में इतने फिक्रमंद हैं. इनके हिसाब से तो देश भर में जो भी तनाव फैला हुआ है वो सिर्फ लड़कियों के दिमागों से ही निकल कर आया है. कितना तनाव लेती हैं लड़कियां. और दुनिया में सिर्फ एक बॉयफ्रेंड ही तो होता है जो उनके तनाव को कम कर सकता है. मां-बाप, भाई बहन तो सब बेकार हैं. पैसे खर्च करके बॉयफ्रेंड बनाओ, उसके साथ मस्ती करो और जब समय पूरा हो जाए तो फिर से सिंगल बन जाओ. बेसिकली लड़कियों के पास कोई और काम है ही नहीं. वो बॉयफ्रेंड नहीं बनाएंगी तो मर जाएंगी. हद है, वर्चुअल रिएलिटी में जीने वालों ने अब वर्चुअल रिश्ते भी बनाने शुरू कर दिए. क्या आइडिया है...मानसिक स्वास्थ्य का नाम लेकर डेटिंग एप चलाने वालों, टिंडर की तो दुकान बंद दोगे तुम लोग.

डर है कहीं बजरंग दल वालों को इनकी खबर लग गई तो धंधा शुरू होने से पहले ही चौपट न हो जाए.

Source - I Chowk


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