मुंबई हादसाः दस साल की बच्ची की सूझबूझ से इस तरह बची कई लोगों की जिंदगी



मुंबई के परेल इलाके में बुधवार को एक बहुमंजिला रिहायशी इमारत में आग लगने की दर्दनाक घटना में एक बच्ची की सूझबूझ की हर कोई तारीफ कर रहा है। 10 साल की बच्ची जेन सदावर्ते ने स्कूल में सिखाई गई फायर फाइटिंग व फायर सेफ्टी की घरेलू तकनीक का इस्तेमाल कर परिवार तथा पड़ोसियों की जिंदगी बचा ली। सदावर्ते ने बताया कि मैं सो रही थी और चीखपुकार सुनकर उठ गई। सभी लोग किचन की तरफ गए तो वहां खिड़की खोलते ही काले रंग का बड़ा सा गुबार आने लगा, जिससे सांस लेने में तकलीफ होने लगी।


जेन ने फौरन ही घर में मौजूद कॉटन के कपड़ों को रूमाल की शक्ल में फाड़ा और उन्हें गीलाकर लोगों को थमा दिया। कपड़े के ये टुकड़े एक एयर प्यूरीफायर में तब्दील हो गए। इसके बाद बच्ची सभी लोगों को उस कमरे में ले गई जहां दबाव कम था। बच्ची के मुताबिक दमकलकर्मी सभी लोगों को नीचे आने को कह रहे थे, लेकिन मैंने उन्हें मना कर दिया। स्थिति सामान्य होने पर ही हम लोग नीचे उतरे।

मुंबई के परेल में एक बहुमंजिला इमारत की 12वीं मंजिल में बुधवार सुबह आग लग गई। हादसे में चार लोगों की मौत हो गई जबकि 21 लोग घायल हैं। आग पर काबू पा लिया गया है। आग लगने के कारणों का पता नहीं चला है। माना जा रहा है कि शार्ट सर्किट के चलते यह हादसा हुआ है। मुंबई फायर ब्रिगेड के प्रमुख पीएस रहनगदाले ने बताया कि हिंदमाता सिनेमा के पास क्रिस्टल टावर के नाम से एक 17 मंजिला इमारत है। बुधवार सुबह 8:32 बजे इमारत की 12वीं मंजिल में आग लगने की सूचना मिली थी। धुएं के तेजी से फैलने से ऊपर रहने वाले लोग सीढि़यों पर फंस गए। क्रेन के माध्यम से 30 से 35 लोगों को सुरक्षित निकाला गया। हादसे में एक वृद्धा सहित चार लोगों की हादसे में मौत हुई है।



पूरी तरह अवैध है इमारत

बृहन्मुंबई म्यूनिसिपल कारपोरेशन (बीएमसी) के मुताबिक निकाय विभाग ने वर्ष 2016 में बिल्डर और यहां रहने वाले 58 परिवारों को नोटिस जारी करके इमारत खाली करने को कहा था, लेकिन इस आदेश को कोर्ट में चुनौती दे दी गई। फिलहाल मामला कोर्ट में है। दमकल विभाग ने बुधवार को एक बार फिर इमारत को असुरक्षित घोषित करते हुए इसकी बिजली और पानी काटने की संस्तुति की है। पुलिस से उन लोगों के खिलाफ आपराधिक मामला चलाने की सिफारिश की है, जिन्होंने लोगों को यह मकान बेचे हैं।

Source - Jagran 

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