दो महीने के बेटे को डॉक्टरों ने बताया बेटी, 10 साल बाद सर्जरी से बदलेंगे जननांग




सुजाता (बदला हुआ नाम) का दो महीने का बेटा जन्म के बाद से ही बार-बार बीमार हो रहा था। उसे उल्टी-दस्त होते थे। बीकानेर के डॉक्टर सामान्य इलाज करते रहे। तबीयत बिगड़ती गई तो हार्मोन की जांच करवाई। इससे पता चला कि वह एक अंग को छोड़कर पूरी तरह लड़की है। 

महिला और पुरुष में भेद करने वाले हार्मोंस का संतुलन बिगड़ा

छह महीने में ऐसा तीसरा मामला

छह महीनों में देश में ऐसा तीसरा मामला सामने आया है। इनमें से एक 14 साल का लड़का था। वह कैंसर का इलाज करवाने उत्तरप्रदेश से बीकानेर आया था। डॉ. जितेंद्र नागल ने बताया कि इलाज के बाद उसका कैंसर ठीक हो गया। अब वह खुद को हालात के मुताबिक ढाल रहा है। तीसरे बच्चे की इलाज के दौरान मौत हो गई थी। 



सवाल-जवाब

क्या यही बच्चे बनते हैं समलैंगिक?

डॉ. तंवर: हां। ऐसा हो सकता है। इसकी वजह यह है कि ये लोग बाहर से दिखने में जो होते हैं, अंदर से उसके विपरीत होते हैं। वे वास्तव में प्रतिकूल लिंग की तरफ ही आकर्षित हो रहे होते हैं, लेकिन हमें समलैंगिक लगते हैं।

क्या ऐसी बीमारी से ही समलैंगिक होते हैं?

डॉ. तंवर: बिलकुल नहीं। यह सिर्फ एक वजह है। इसके अलावा भी बहुत सारे कारण हो सकते हैं।


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