जिस लड़के पर एक लड़की ने बदतमीजी का आरोप लगाया था, उसकी जिंदगी तबाह हो चुकी है



तीन साल पहले की एक कहानी है. उसमें तीन पक्ष थे- एक लड़का, एक लड़की और सोशल मीडिया. लड़की ने सोशल मीडिया पर पोस्ट लिखकर लड़के पर उसे मॉलेस्ट करने का इल्जाम लगाया. पोस्ट बहुत वायरल हुई. लड़के की खूब थू-थू हुई. वो अरेस्ट हुआ. उसके ऊपर केस दर्ज हुआ. इस बात को अब तीन साल बीत गए हैं. इस बीच अदालत की 13 तारीखें बीत चुकी हैं. वो लड़की, जिसने इल्जाम लगाया था, एक भी तारीख पर कोर्ट नहीं पहुंची. और लड़का? वो अपनी नौकरी-इज्जत सब गंवाने के बाद अदालत और पुलिस के चक्कर लगा रहा है. पिता को हार्ट अटैक आया. मां-बाप शादी करवाना चाहते हैं, लेकिन ‘लड़की के साथ बदसलूकी’ करने का लगा दाग आड़े आ रहा है

इस कहानी की शुरुआत कैसे हुई?

ये सर्वजीत सिंह और जसलीन कौर की कहानी है. 23 अगस्त, 2015 को दिल्ली के तिलक नगर ट्रैफिक सिग्नल पर दोनों की मुलाकात हुई. जसलीन ने फेसबुक पर एक पोस्ट डाला. पोस्ट में सर्वजीत की तस्वीर थी. लिखा था-



इस आदमी ने रात के तकरीबन आठ बजे तिलक नगर के अग्रवाल स्वीट्स के पास मुझ पर भद्दे कमेंट्स किए. वो एक सिल्वर रंग की रॉयल ऐनफील्ड बाइक पर था. गाड़ी का नंबर था- DL 4S CE 3623. जब मैंने कहा कि मैं उसकी तस्वीर खींच रही हूं और उसके खिलाफ पुलिस में शिकायत करुंगी, तो उसने तस्वीर खिंचवाने के लिए पोज़ दिया. बोला- जो कर सकती है, कर ले. शिकायत करके दिखा, फिर देखियो क्या करता हूं मैं. उसके भद्दे कमेंट्स से ज्यादा कोई और बात मुझे परेशान कर रही है. ये घटना एक ट्रैफिक सिग्नल पर हुई. लाल बत्ती थी. मुझे जो कुछ भी कहा इस लड़के ने, वो 20 और लोगों ने भी सुना. फिर भी किसी को कोई फर्क नहीं पड़ा. किसी ने बीच-बचाव नहीं किया. कोई भी मेरी मदद के लिए नहीं आया. इसीलिए मैंने खुद के लिए खड़े होने का फैसला किया. मैंने तिलक नगर पुलिस थाने में इसकी शिकायत की. उसकी फोटो और गाड़ी का नंबर भी दिया. इस आदमी की तस्वीर और इसकी गाड़ी का नंबर ज्यादा से ज्यादा शेयर कीजिए. ताकि इसकी पहचान हो सके, ये पकड़ा जा सके. आज उसकी हिम्मत हुई तो उसने मुझसे गलत बात कही. कलसर्वजीत ने भी जवाबी पोस्ट लिखा था

जसलीन की इस पोस्ट को सैकड़ों लोगों ने शेयर किया. लोगों ने उनकी हिम्मत की तारीफ की. फिर सर्वजीत सिंह की भी एक जवाबी पोस्ट आई. उन्होंने लिखा था-

मुझे पता है कि लड़कियों के साथ काफी छेड़छाड़ होती है. मगर इसका ये मतलब नहीं कि जो बात न हुई हो उसका भी इशू बना दिया जाए. मैं तो ये भी नहीं कह रहा है कि जसलीन अपनी पोस्ट हटाए. शेयर करो. जितना कर सकते हो, करो. पर तब जब मैंने आपको कुछ गलत बोला हो. अगर मैंने बदतमीजी की होगी, तो सबने सुना होगा. किसी ने कुछ क्यों नहीं कहा. मैं भी नॉर्मल इंसान हूं. कहीं का डॉन या गुंडा नहीं, जो मुझसे लोग डरेंगे.

जसलीन बस शिकायत लिखवाने तक ही रह गईं

पोस्ट जसलीन ने भी लिखी. पोस्ट सर्वजीत ने भी लिखी. एक पक्ष जसलीन का था. एक पक्ष सर्वजीत का था. मगर सर्वजीत ने जो कहा, उसके ऊपर किसी ने भरोसा नहीं किया. उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया. सर्वजीत के समर्थन में एक चश्मदीद विश्वजीत सिंह भी आगे आए. उन्होंने कहा कि जसलीन जैसा कह रही हैं, वैसी कोई बात नहीं हुई थी. उल्टा जसलीन ने सर्वजीत को भला-बुरा कहा था. बदतमीजी की थी.

आगे की बात कोर्ट तय करेगी, मगर सर्वजीत के सवाल तो सही हैं
उधर सर्वजीत हैं. जो बिना अदालत में दोषी साबित हुए ही दोषी मान लिए गए हैं. ‘द प्रिंट’ के साथ बात करते हुए उन्होंने कहा-

इस घटना के बाद मुझे नौकरी से निकाल दिया गया. बॉस ने कहा कि मेरे साथ हुई घटना की वजह से कंपनी का नाम खराब हो रहा है. कि ये खबर हमारे इंटरनैशनल क्लाएंट्स तक पहुंच गई है. फिर मैंने एक मैरिज ब्यूरो में नौकरी शुरू की. मैं पहले जितना कमाता था, उसके मुकाबले करीब 40 फीसद कम सैलरी मिल रही थी मुझे. मेरे पास और कोई चारा नहीं था.

सर्वजीत को वहां से भी निकाल दिया गया. उन्होंने फिर नई नौकरी पकड़ी. लेकिन फिर अदालत में लगने वाले चक्करों की वजह से उन्हें वहां से भी चले जाने को कहा गया. सर्वजीत का कहना है-

हर बार कोर्ट की तारीख पर मुझे छुट्टी लेनी पड़ती. इस वजह से उस कंपनी ने भी मुझे निकाल दिया. उन्होंने कभी मेरी इज्जत की. मुझे यूं देखते थे मानो मैं कोई क्रिमिनल होऊं. फिर एक दिन मुझसे जॉब छोड़कर निकल जाने को कहा गया. उन्होंने कहा, जब तक निर्दोष साबित नहीं हो जाते तब तक वापस मत आना. 

कानून के रास्ते जाएं, तो फैसला सुनाने की जिम्मेदारी कोर्ट की है
इस पूरे मामले में सबसे तकलीफ वाली बात यही है. अदालत में जिरह नहीं हुई. कोई सबूत पेश नहीं हुआ. कानून कहता है कि जब तक आरोप साबित न हो, तब तक सामने वाला आरोपी है. दोषी नहीं. हो सकता है कि अदालत सर्वजीत को गुनहगार माने. हो सकता है उन्होंने गलत किया हो. मगर ये भी तो हो सकता है कि कोर्ट उन्हें बाइज्जत बरी कर दे. अगर ये साबित हो जाता है कि उन्होंने कुछ गलत नहीं किया, तो क्या बस जसलीन गलत साबित होंगी? नहीं. वो तमाम कंपनियां भी गलत होंगी, जिन्होंने सरवजीत को नौकरी से निकाला. वो तमाम लोग गलत साबित होंगे, जिन्होंने आरोप साबित होने से पहले ही उन्हें गुनहगार ठहरा दिया.

जसलीन के पिता दो तारीखों पर कोर्ट पहुंचे
सर्वजीत के मुताबिक, जसलीन के पिता (जो 13 में से दो तारीखों पर कोर्ट आए) ने अदालत से कहा है कि उनकी बेटी विदेश में पढ़ाई कर रही है. क्या शिकायत करने वाले बस आरोप लगाकर, कंप्लेंट लिखवाकर अपनी जिम्मेदारी से फारिग हो सकता है? सर्वजीत सवाल करते हैं-

हर बार जब जज पूछते हैं कि शिकायतकर्ता (यानी जसलीन) कोर्ट में क्यों नहीं आई हैं, तो उसके पिता कहते हैं कि वो कनाडा में पढ़ाई कर रही है. इसका मतलब कि उसके (जसलीन के) पास अपना करियर बनाने का अधिकार है, लेकिन मुझे ये हक नहीं है?

सर्वजीत का सवाल सही है. उतना ही सही, जितना जसलीन की शिकायत को गंभीरता से सुना जाना था. मगर इसके बाद आगे की कार्रवाई होनी चाहिए थी. बस एक आरोप के दम पर किसी की जिंदगी बर्बाद हो जाए, वो अपराधी मान लिया जाए, उसे खुद को बेगुनाह साबित करने का मौका भी न मिले, ये तो कोई इंसाफ नहीं. इंसाफ ये भी नहीं कि किसी पर इल्जाम लगाकर निकल जाओ. इसीलिए 29 अगस्त को तीस हजारी कोर्ट ने जसलीन के खिलाफ वॉरंट जारी कर दिया है. इससे पहले अप्रैल में कोर्ट ने जसलीन को हाजिर होने का समन भेजा था. फिर भी वो अदालत में पेश नहीं हुईं. को उसकी हिम्मत और बढ़ जाएगी.

Source - The Lallan Top 


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