स्तन कैंसर को हरा जिंदादिली से जी रही हैं, दुश्वारियों से लड़कर सिखा रहीं जीने का हुनर


तूफानों से आंख मिलाओ, सैलाबों पे वार करो। मल्लाहों का चक्कर छोड़ो, तैर के दरिया पार करो। नामचीन शायर राहत इंदौरी ने ये मशहूर लाइनें मानो वरिष्ठ डॉ. रीना जैन गुप्ता जैसों के लिए ही लिखी गई हैं। स्तन कैंसर को मात देने के बाद डॉ. रीना अब इस बीमारी से जूझ रही अन्य महिलाओं को ‘तैर कर दरिया पार करने’ का हुनर सिखा रही हैं।

एनेस्थेसियोलॉजिस्ट डॉ.रीना ने अपने हौसले के बूते न सिर्फ कैंसर से दो-दो हाथ किए, बल्कि खुद को औरों की जिंदगी संवारने में लगा दिया। वह फख्र से कहती हैं कि जिंदगी जिंदादिली से जियो, रोग का आना-जाना तो लगा रहता है। पहले खुद से प्यार करो, तब पूरी दुनिया तुमसे प्यार करेगी।
यही नहीं, असहाय महिलाओं के हाथों में कबाड़ से जुगाड़ की कुंजी थमाकर डॉ. रीना उन्हें आत्मनिर्भर बना रही हैं। किचन वेस्ट से खाद बनाना सिखाती है। गरीब महिलाओं को पुरानी साड़ियों से ड्रेस व इंटीरियर डिजाइनिंग के लिए सामग्री तैयार कराती हैं।

उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद जिले के कविनगर की रहने वाली डॉ. रीना गाजियाबाद के यशोदा अस्पताल के अलावा अन्य अस्पतालों से जुड़ी हुई हैं। उनके पति डॉ. अतुल गुप्ता सीनियरन्यूरो सर्जन हैं। डॉ. रीना बताती हैं कि दो साल पहले अप्रैल 2016 में सामान्य दिनचर्या के दौरान स्तन में गांठ महसूस हुई, लेकिन उससे व्यथित नहीं हुई। उस दिन भी अस्पताल जाकर पहले काम निपटाया और फिर अपनी जांच कराई।



ब्रेस्ट कैंसर की पुष्टि से एक बार झटका लगा, लेकिन खुद को संभाला। पति साथ रहते हैं, जबकि बेटी बाहर रहती है। पति से बातचीत के बाद ऑपरेशन कराया। इसके बाद खुद हिम्मत जुटाकर कीमोथेरेपी और रेडियोथेरेपी कराती रही, पति को परेशान नहीं किया...। आखिरकार रीना की जिजीविषा कैंसर पर भारी पड़ी। आज वह पूर्ण स्वस्थ जिंदगी जी रही हैं।

कैंसर पीड़ित महिलाओं की हमदर्द बन चुकी डॉ. रीना उन्हें मानसिक सहयोग, मुफ्त सलाह, डाइट चार्ट, आत्मविश्वास बढ़ाने, दवाइयों के दुष्प्रभाव से बचाव की जानकारी देती हैं। उनका कहना है कि इस रोग को हौव्वा बना दिया जाता है। पिछले एक दशक में महिलाओं में गर्भाशय व ब्रेस्ट कैंसर के मामले बढ़े हैं। गलत खान- पान और तरह-तरह के रेडियेशन के कारण भी रोग बढ़ रहे हैं। रोग की चपेट में आने वालीं महिलाओं को उनकी यही सलाह है कि निराश होना जिंदगी नहीं है। ब्रेस्ट और बाल ही सुंदरता के पर्याय नहीं है, बल्कि इसके आगे भी खूबसूरती होती है।

कई ब्यूटी कांटेस्ट भी जीते

कैंसर को मात देने के बाद सामान्य जिंदगी जी रहीं डॉ. रीना कई ब्यूटी कांटेस्ट भी जीत चुकी हैं। उन्होंने हाल ही दिल्ली में हुए एक ब्यूटी कांटेस्ट में रैंप वाक किया। कहती हैं, मुझे खुद से प्यार है। इसीलिए मैं ब्यूटी कांटेस्ट में हिस्सा लेती हूं, न कि मॉडलिंग करने के लिए या डॉक्टरी का प्रोफेशन बदलने के लिए।

Source - Jagran 


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