एक मिसाल – मात्र 21 कप चाय का खर्चा – इन दो जेलरों ने जेल में की शादी, सोशल मीडिया पर वायरल

February 5, 2017, 5:18 PM
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मुजफ्फरपुर – ‘मैं ज्ञानिता गौरव वैधानिक रूप से संदीप कुमार से शादी स्वीकार करती हूं। मुजफ्फरपुर के जेल में हुई ये शादी सोशल मीडिया में चर्चा का विषय बनी हुई है। पीएम मोदी के कैशलेस का उदाहरण पेश करती ये शादी इसलिए खास है क्योंकि इसमें मात्र 21 कप चाय का खर्चा आया है, जो समाज के लिए मिसाल है।

गोपालगंज का दूल्हा, पटना की दुल्हनियां

इस शादी में दूल्हा गोपालगंज के जेल अधीक्षक हैं जबकि दुल्हन शेखपुरा की। दोनों ने इंटरकास्ट मैरिज की है। दोनों ने बताया कि समाज में सोशल मैसेज के लिए उन्होंने अपनी शादी अलग तरीके से की। दोनों ने जिला अवर निबंधक सह विशेष विवाह पदाधिकारी संजय भारती के समक्ष शादी की शपथ ली। इस अंतरजातीय विवाह के सैकड़ों लोग गवाह बने।

पंडितजी ने किया मंत्रोच्चार, बंटी मिठाइयां

स्थानीय पंडित ने मंत्रोच्चार के बीच रस्म अदायगी की तो दोनों अफसरों ने एक दूसरे को माला पहनाई। इस दौरान परिजनों ने मिठाइयां भी बांटीं। बिना तामझाम के हुई यह शादी किसी मिसाल से कम नहीं है। दो जनवरी को ही शादी की सूचना कार्यालय को दी गई थी।

दूल्हा बने गोपालगंज के जेल अधीक्षक ने बताया कि उन्होंने आडंबर विहीन दहेज प्रथा से इतर कोर्ट में शादी करने का निर्णय लिया। अंतरजातीय विवाह से मिलने वाली सरकारी राशि को वे गरीबों में बांट देंगे।

ट्रेनिंग के दौरान आए करीब

स्थानीय गोला रोड अंबेदकर मार्ग, मुजफ्फरपुर निवासी ब्रजबिहारी प्रसाद के बड़े पुत्र जेल अधीक्षक संदीप कुमार ने बताया कि वे दोनों 2013 बैच के बीपीएससी में साथ पास हुए। ट्रेनिंग के दौरान ज्ञानिता गौरव से उनकी दोस्ती हो गई। बात आगे बढ़ी और दोनों एक दूसरे को पंसद करने लगे। इसके बाद शादी करने का निर्णय ले लिया। उन्होंने इसकी जानकारी अपने पिता को दी। पिताजी ने तुरंत इसे स्वीकार कर लिया।

पटना की दुल्हन

दुल्हन बनीं पटना गर्दनीबाग बुद्धा कॉलोनी निवासी नवल किशोर प्रसाद की पुत्री ज्ञानिता गौरव ने बताया कि आपसी व परिवार की सहमति के बाद ही दोनों ने शादी का निर्णय लिया। स्थानीय सह वार्ड आयुक्त केपी पप्पू बताया कि बिना दहेज की हुई यह शादी मिसाल है।

SOURCE -Jagran.

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