THIS BIHAR IAS OFFICER WILL ADOPT THE DAUGHTERS OF TWO SOLDIERS MARTYRED IN PULWAMA ATTACKS

THIS BIHAR IAS OFFICER WILL ADOPT THE DAUGHTERS OF TWO SOLDIERS MARTYRED IN PULWAMA ATTACKS

The entire nation is grieving the loss of CRPF jawans in the recent terror attacks in Pulwama. While many prominent personalities have offered help to the families of martyred soldiers, this IAS officer from Bihar has set another example for everyone around her.
IAS officer, Inayat Khan, has announced that she will adopt daughters of two martyrs.
“I have directed officials to open an account to raise funds for families of two victims. Whatever amount will be collected by March 10, we will divide and give it to their families. I want to appeal to the people to contribute as much as you can so that we can stand by their families at a time when they need our support,” she told ANI
Inayat, the District Magistrate of Sheikhpura, has decided to adopt two girls who were fathered by slain CRPF personnel Ratan Kumar Thakur and Sanjay Kunar Sinha from Bihar. She will take care of their education and healthy living for the rest of their lives.
In fact, according to reports, she will also open bank accounts for the people in Sheikhpura to donate money for the families who have suffered.
Khan will also donate her two day's salary to the two families.
Earlier, Khan, along with the staff at the DM's office, paid tributes to 49 CRPF troopers, killed in the Pulwama terror attack, by observing a minute's silence on Saturday. More power to you, Madam Khan!
Source - BeaingIndian












‘SquatEase’, An Innovation By A 26-Year-Old From Pune Makes Using Indian Style Toilet Easy

‘SquatEase’, An Innovation By A 26-Year-Old From Pune Makes Using Indian Style Toilet Easy

“I often hold my bladder and avoid using a toilet because we have Indian toilet at our place which requires squatting to use. We don’t have enough money to renovate our washroom and get a commode which costs around Rs. 5,000 or more”, says 60-year-old Prem Ashok Rawal, a resident of Ghaziabad, who often finds it difficult to use an Indian toilet or squat toilet because of her knee surgery and age. Understanding the problems faced by Indians while using a squat toilet, 26-year-old Satyajit Mittal, a student of Product Design and alumni of MIT Institute of Design has come up with a unique innovation – SquatEase – unidirectional, clean and comfortable toilet solution.
Talking to NDTV about the innovation, Satyajit Mittal, Director, Sanotion says,
Squatting while using an Indian toilet can be stressful on the knees and requires balancing, often causing knee related problems over a period of time. Also, it is tough for the elderly to squat, so I came up with this human centred designed product SquatEase. It is a unique squat toilet pit which makes squatting more ergonomic – making it user friendly and pain-free.
To make squatting easy, Satyajit has redesigned the footrest of regular Indian toilet. To reduce stress on knees, hips, and thighs, and allowing people with joint problems to use Indian toilet easily, he has included an angle of elevation, providing more surface area to keep heel and toes and maintain center of gravity. The added surface aids in equal weight distribution among back, toes, and knees, making it comfortable to squat.
Satyajit claims it to be a visually impaired friendly toilet as footrest tells the direction of the first ever unidirectional toilet. Elaborating more on the same, Satyajit says,
Floor markings on the toilet are designed as a guide for the visually impaired to identify the correct spot to turn and squat to aim correctly. Ergonomics aids to the people with joint/knee problems to squat easily.
Also, the innovator believes that, inclined footrest gives the user no option, but to use the toilet in one direction for which it was designed, making it easy to clean.
The best thing about this toilet is, it is cheap. SquatEase toilet pan costs only Rs. 999 inclusive of taxes. Though the cost of innovation is Rs. 10 lakh and innovator invested two years in research, design, development, prototyping, validation and testing.
Further explaining the idea behind his innovation, Satyajit says,
While squatting, many people prefer to sit on their toes, with heals raised. This shifts their center of gravity forward making a more stable stance that reduces the risk of falling backward, compared with squatting flat-footed.
To understand the physical consequences of this behavioural pattern and squatting position, Satyajit discussed it with physiotherapists and realised, a change was needed.
Someone has rightly said, “necessity is the mother of invention.” Considering the ‘need’, Satyajit designed a footrest for squat toilets.
The idea actually came while designing a problem-solving product for one of my courses at the institute called Special Needs. It was also at the time that the Swachh Bharat Abhiyan and large-scale toilet construction were in full swing and I was curious about the state of sanitation in the country so wanted to narrow down on one problem that was unresolved and tackle it with a smart design, says Satyajit.
Source - NDTV

फर्जी ई-वे बिल से लगा 5,000 करोड़ का चूना, सरकार हुई सख्‍त

फर्जी ई-वे बिल से लगा 5,000 करोड़ का चूना, सरकार हुई सख्‍त

बीते साल सरकार की ओर से ई-वे बिल प्रणाली लागू की गई. इसके तहत 50,000 रुपये या उसके अधिक के सामान को एक राज्य से दूसरे राज्य भेजने के लिए ई-वे बिल अनिवार्य किया गया था. इस प्रणाली के 1 साल पूरे होने से पहले फर्जी ई-वे बिल के कई मामले सामने आए हैं. इस फर्जीवाड़े की वजह से करीब 5000 करोड़ रुपये की टैक्‍स चोरी का पता चला है. न्‍यूज एजेंसी पीटीआई के मुताबिक एक अधिकारी ने कहा, ‘‘अप्रैल से बोगस ई-वे बिल और जाली बीजक के कई मामले सामने आए हैं. इसमें कुल मिलाकर 5,000 करोड़ रुपये की टैक्‍स चोरी का पता चला है. ’’
हालांकि इस समस्‍या से निपटने के लिए सरकार की ओर से एक खास तैयारी भी की जा रही है. दरअसल, राजस्‍व विभाग की ओर से टैक्‍स अधिकारियों की एक समिति का गठन होगा. यह समिति इस तरह के नकली बिल से निपटने के उपाय सुझाएगी. अधिकारी ने कहा कि केंद्र और राज्यों के अधिकारियों की एक समिति बनाई जाएगी जो जाली ई वे बिल बनाने के तरीके का विश्लेषण करेगी और इसे रोकने के उपाय सुझाएगी. यही नहीं, राजस्व विभाग अप्रैल से ई- वे बिल प्रणाली को भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) के फास्टैग प्रणाली से भी जोड़ने की तैयारी कर रहा है. इससे माल की आवाजाही पर नजर रखने में और ज्यादा मदद मिलेगी.
क्‍या है ई-वे बिल
ई-वे बिल उस दस्तावेज को कहते हैं जो छोटे-बड़े कारोबारियों के लिए जरूरी होता है. कारोबारी अगर 50 हजार रुपये से ज्‍यादा के किसी प्रोडक्‍ट का एक राज्य से दूसरे राज्य या फिर राज्य के भीतर सप्‍लाय करते हैं तो ई-वे बिल जनरेट करना होगा. यह नियम 50,000 रुपये से ज्यादा के प्रोडक्‍ट पर लागू होता है. ई-वे बिल हासिल करने के लिए आप ewaybillgst.gov.in पर जा सकते हैं.
Source - Aaj Tak 

भारत को वर्ल्ड कप जीत का दावेदार नहीं मानते गावस्कर, बताई वजह

भारत को वर्ल्ड कप जीत का दावेदार नहीं मानते गावस्कर, बताई वजह

भारत के पूर्व कप्तान सुनील गवाकर टीम इंडिया को इंग्लैंड में होने वाले वर्ल्ड कप में जीत का प्रबल दावेदार नहीं मानते हैं. इंग्लैंड और वेल्स की मेजबानी में होने वाले क्रिकेट वर्ल्ड कप-2019 में अब कुछ ही महीने बाकी हैं. क्रिकेट के इस महाकुंभ से पहले टीम इंडिया के पास सिर्फ 7 इंटरनेशनल मैच हैं.
सुनील गावस्कर ने इंडिया टुडे से बात करते हुए कहा, भारत नहीं बल्कि इंग्लैंड की टीम इस वर्ल्ड कप को जीतने की प्रबल दावेदार है. गावस्कर ने कहा, 'इंग्लैंड की टीम फेवरेट टीम है. मैं इसलिए नहीं कह रहा हूं कि टूर्नामेंट उनके होम कंडीशन में होगा. 2015 वर्ल्ड कप के बाद उन्होंने अपने खेलने का तरीका बदला है.
2015 वर्ल्ड कप में उन्हें बांग्लादेश ने हरा दिया था. अब उनके पास अच्छे बल्लेबाज हैं, शानदार गेंदबाज हैं और बेन स्टोक्स जैसा ऑलराउंडर है.' हालांकि गावस्कर ने माना कि 2017 और 2018 में इंग्लैंड में खेलने का फायदा भारत को मिलेगा.
2017 में इंग्लैंड की मेजबानी में हुए चैंपियंस ट्रॉफी टूर्नामेंट में भारत ने फाइनल तक का सफर तय किया था. इसके अलावा भारत ने इंग्लैंड के खिलाफ यहां 2018 में बाइलैटरल वनडे सीरीज खेली थी.
गावस्कर ने कहा, 'लेकिन मुझे लगता है कि सबसे पसंदीदा इंग्लैंड हैं और फिर भारत आता है.' पूर्व भारतीय कप्तान ने विश्व कप 2019 के लिए संभावित सेमीफाइनलिस्ट चुने.
गावस्कर ने भारत और इंग्लैंड के साथ सेमीफाइनल में शामिल होने के लिए अन्य दो पक्षों के रूप में पाकिस्तान और ऑस्ट्रेलिया का समर्थन किया.
सुनील गावस्कर ने पाकिस्तान को खतरनाक टीम माना है. पाकिस्तान 2017 चैंपियंस ट्रॉफी की विजेता टीम भी है. उसने फाइनल में भारत को ही हराया था.
गावस्कर ने कहा, 'पाकिस्तान की टीम हमेशा एक खतरनाक टीम होती है. वहीं डेविड वॉर्नर और स्टीव स्मिथ के आने से ऑस्ट्रेलिया की टीम भी मजबूत हो जाएगी. ये चार टीमें सेमीफाइनल में होंगी. न्यूजीलैंड भी सरप्राइज कर सकती है और भारत को इन टीमों से कड़ा मुकाबला करना पड़ेगा.'
विराट ब्रिगेड 30 मई से शुरू हो रहे विश्व कप के अपने पहले मैच में साउथ अफ्रीका से 5 जून को भिड़ेगी. वर्ल्ड कप- 2019 के मुकाबले 30 मई से 14 जुलाई तक खेले जाएंगे. चिर प्रतिद्वंद्वी पाकिस्तान से भारत का सामना 16 जून को होगा. भारत ने विश्व कप में हमेशा पाकिस्तान को हराया है.
इस वर्ल्ड कप के लीग मुकाबले में सभी टीमें एक-दूसरे से खेलेगी. 1992 वर्ल्ड कप के बाद यह पहला मौका है जब टूर्नामेंट एक फॉर्मेट में खेला जा रहा है. इसी वजह से इस बार सभी टीमों के बीच सेमीफाइनल में पहुंचने की जंग रहेगी.
Source - Aaj Tak

BSNL के इन यूजर्स को मिल रही Amazon Prime की फ्री मेंबरशिप

BSNL के इन यूजर्स को मिल रही Amazon Prime की फ्री मेंबरशिप

भारत संचार निगम लिमिटेड (BSNL) ने कुछ समय पूर्व Jio GigaFiber सर्विस से मुकाबले के लिए Bharat Fiber सर्विस को लॉन्च किया था। यह एक हाई-स्पीड फाइबर-टू-द-होम (FTTH) सर्विस है। BSNL ने हाल ही में अपने Bharat Fiber यूजर्स को Amazon Prime का सब्सक्रिप्शन फ्री दिए जाने की घोषणा की है। बीएसएनएल की भारत फाइबर सर्विस के अंतर्गत यूजर्स को 35 जीबी डेटा प्रति दिन मिलेगा। वो भी सिर्फ 1.1 रुपये प्रति जीबी की दर से।



इस ऑफर का लाभ यूजर को तभी मिलेगा जब BSNL Bharat Fiber सर्विस का 18 जीबी (777 रुपये प्रतिमाह) या इससे ऊपर का प्लान लिया जाए। बीएसएनएल की वेबसाइट से उपयुक्त प्लान लेने के बाद अमेज़न प्राइम मेंबरशिप एक्टिवेट हो जाएगी। Amazon Prime मेंबरशिप के साथ यूजर को प्राइम वीडियो और प्राइम म्यूजिक का एक्सेस मिलेगा। अमेज़न फ्राइम मेंबर्स ई-बुक्स को एक्सेस करने के साथ-साथ फास्ट डिलीवरी और Amazon.in पर अन्य ग्राहकों की तुलना में प्राइम मेंबर्स को डील्स को पहले एक्सेस करने की सुविधा मिलती है।



ऐसा पहली बार नहीं है जब BSNL ने अपने ग्राहकों को वार्षिक अमेजन प्राइम मेंबरशिप प्रदान करने के लिए Amazon India से हाथ मिलाया हो। याद करा दें कि, बीएसएनएल ने पिछले साल अक्टूबर माह में अपने पोस्टपेड एवं ब्रॉडबैंड ग्राहकों को फ्री प्राइम सब्सक्रिप्शन देने की घोषणा की थी। बता दें कि, Airtel और Vodafone भी अपने पोस्टपेड यूजर्स को प्राइम मेंबरशिप प्रदान करती हैं। इसके अलावा एयरटेल के चुनिंदा ब्रॉडबैंड सब्सक्राइबर को भी एक साल की फ्री अमेज़न प्राइम मेंबरशिप मिलती है। याद करा दें कि, BSNL ने पिछले महीने Bharat Fiber सर्विस को लॉन्च किया था।
Source - NDTV

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