21वीं सदी में भारतीय क्रिकेट में पहली बार हुआ 'ऐसा', खेल जगत गदगद

21वीं सदी में भारतीय क्रिकेट में पहली बार हुआ 'ऐसा', खेल जगत गदगद
क्रिकेट घोर अनिश्चितताओं का खेल है और भारत में इस खेल को धर्म की संज्ञा दी जाती है। 21वीं सदी में भारतीय क्रिकेट में यह पहली बार हुआ है।
21वीं सदी में भारतीय क्रिकेट में पहली बार हुआ 'ऐसा', खेल जगत गदगदनई दिल्ली, [स्पेशल डेस्क]। क्रिकेट घोर अनिश्चितताओं का खेल है और भारत में इस खेल को धर्म की संज्ञा दी जाती है। क्रिकेट के तीनों प्रारूपों में भारत ने अपनी धाक जमाई है। टेस्ट क्रिकेट में टीम इंडिया दुनिया में अव्वल है। टी 20 में टीम पांचवे नंबर पर जरूर है, लेकिन वह नंबर एक टीम से सिर्फ 10 रेटिंग अंक पीछे है। ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ खेले गए दूसरे वनडे मैच में जीत के साथ ही टीम वनडे रैंकिंग में भी टॉप पर पहुंच गई है। 1983 में वनडे विश्वकप जीतने के बाद क्रिकेट भारत में लोगों की नसों में दौड़ने लगा। इसके बाद 2007 में पहला टी 20 विश्वकप और 2011 का वनडे वर्ल्ड कप भी भारत ने अपने नाम करके क्रिकेट के जुनून को सातवें आसमान पर पहुंचा दिया। पिछले 20-30 सालों में भारत ने क्रिकेट में कई उपलब्धियां हासिल की हैं। लेकिन कोलकाता वनडे में ऐसा कुछ हुआ जो पिछले 26 सालों में नहीं हुआ था।

26 साल बाद भारतीय खिलाड़ी ने किया यह कारनामा
करीब 26 साल पहले 4 जनवरी 1991 को भारत के महान ऑलराउंडर कपिल देव ने श्रीलंका के खिलाफ वनडे क्रिकेट में हैट्रिक ली थी। अब इतने सालों के अंतराल के बाद कुलदीप यादव ने ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ हैट्रिक ली है। खास बात यह है कि कपिल देव ने भी हैट्रिक लेने का वह कारनामा इसी ईडेन गार्डन के मैदान में किया था। भारत के लिए वनडे क्रिकेट में सबसे पहले हैट्रिक लेने वाले खिलाड़ी चेतन शर्मा थे। चेतन ने 31 अक्टूबर 1987 को न्यूजीलैंड के खिलाफ विश्वकप मैच में नागपुर के विदर्भ क्रिकेट एसोसिएशन के मैदान पर यह कारनामा किया था।
 कुलदीप ने कर दिखाया ये मुश्किल काम
22 वर्षीय चाइनामैन कुलदीप ने टीम इंडिया के लिए अभी सिर्फ 9 एकदिवसीय अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट मैच खेले हैं। इनमें से भी सिर्फ 8 मैचों में ही उन्हें गेंदबाजी का मौका मिला है। इस दौरान उन्होंने 19.75 की औसत से 16 विकेट अपने नाम किए हैं। वनडे क्रिकेट में हैट्रिक लेना कितना मुश्किल होता है इस बात का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि 1971 से वनडे क्रिकेट खेला जा रहा है और अब तक सिर्फ 3 भारतीय खिलाड़ी हैट्रिक ले पाए हैं। यही नहीं इन 47 सालों में पूरी दुनिया में अब तक सिर्फ 44 हैट्रिक ली गई हैं। 
सबसे आगे निकले कुलदीप
साल 1990 के बाद भारत ने हरभजन सिंह (236 वनडे), अनिल कुंबले (271 वनडे), रविचंद्रन अश्विन (111 वनडे) और रविंद्र जडेजा (136 वनडे) जैसे बड़े स्पिनर रहे हैं। इनके अलावा जवागल श्रीनाथ, जहीर खान, अजित अगरकर, वेंकटेश प्रसाद, ईशांत शर्मा, आरपी सिंह, मुनफ पटेल, मोहम्मद शमी, भुवनेश्वर कुमार, एस. श्रीशांत, आशीष नेहरा, उमेश यादव, वरुण आरोन, देवाशीष मोहंती जैसे कई तेज गेंदबाज भी रहे हैं। लेकिन इनमें से कोई भी वनडे क्रिकेट में हैट्रिक नहीं ले पाया। 
पहले भी हैट्रिक ले चुके हैं कुलदीप
कुलदीप ने वनडे अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में जरूर पहली बार हैट्रिक ली है, लेकिन यह उनके लिए पहली हैट्रिक नहीं है। इससे पहले अंडर 19 के एक वनडे मैच में वे ऐसा कर चुके हैं। साल 2014 में दुबई में खेले गए अंडर 19 विश्वकप के एक मैच में स्कॉटलैंड के खिलाफ उन्होंने यह कारनामा किया था। 
ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ 7वीं हैट्रिक
कुलदीप से पहले अंतरराष्ट्रीय वनडे क्रिकेट में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ 6 बार हैट्रिक ली गई हैं। इनमें पाकिस्तानी खिलाड़ी जलाल उद्दीन का नाम सबसे ऊपर है। क्योंकि उन्होंने ही 1982 में वनडे क्रिकेट में पहली हैट्रिक भी ली थी। उनके अलावा 1990 में वसीम अकरम (पाकिस्तान), 2006 में जिरोम टेलर (वेस्ट इंडीज), 2007 में शेन बॉन्ड (न्यूजीलैंड), 2011 में लसिथ मलिंगा (श्रीलंका) और 2015 में स्टीवन फिन (इंग्लैंड) ने ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ हैट्रिक ली है। 
हैट्रिक लेने वाले 5वें भारतीय हैं कुलदीप
कुलदीप यादव वनडे क्रिकेट में हैट्रिक लेने वाले भारत के तीसरे गेंदबाज जरूर हैं। लेकिन अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में हैट्रिक लेने वाले वह पांचवे गेंदबाज हैं। उनसे पहले चेतन चौहान (वनडे), कपिल देव (वनडे), हरभजन सिंह (टेस्ट) और इरफान पठान (टेस्ट) ने यह कारनामा किया है। खास बात यह भी है कि ईडेन गार्डन्स पर किसी भारतीय गेंदबाज के अंतरराष्ट्रीय मैच में यह तीसरी हैट्रिक है।

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