जिहादी हूं, अब गया में सीरियल ब्लास्ट का प्लान था: ATS से बोला आतंकी तौसिफ

अहमदाबाद में 9 साल पहले हुए सीरियल ब्लास्ट के मास्टरमाइंड तौसिफ खान समेत 3 आतंकियों को बिहार एटीएस ने गिरफ्तार किया।

आतंकी तौसिफ खान 2008 के अहमदाबाद सीरियल ब्लास्ट का मास्टरमाइंड है। गया में टीचर बनकर छिपा था।

पटना.गुजरात के अहमदाबाद में 9 साल पहले हुए सीरियल ब्लास्ट के मास्टरमाइंड तौसिफ खान समेत 3 आतंकियों को बिहार एटीएस ने गिरफ्तार किया। तौसिफ गया के एक स्कूल में टीचर बनकर छिपा हुआ था। उसने मशहूर विष्णुपद मंदिर क्षेत्र समेत तीन जगहों पर तीर्थयात्रियों को टारगेट कर सीरियल ब्लास्ट की साजिश रच ली थी। इसके लिए पिछले कुछ दिनों से रेकी भी कर रहा था। तौसिफ आतंकी साचिश का हर अपडेट इंटरनेट कैफे से मेल कर अपने हैंडलर्स को भेज रहा था। गुरुवार को पूछताछ में आतंकी तौसिफ ने बिहार एटीएस से कहा- ''हां मैं जिहादी हूं और जिहाद करने आया हूं। टारगेट एक्सपर्ट हूं, जहां भी टारगेट किया, कामयाब रहा। अब गया में ब्लास्ट का प्लान था।'' एनआईए समेत कई एजेंसियां आतंकियों से पूछताछ के लिए गया पहुंच चुकी हैं। तीनों के आतंकी संगठन अल कायदा से जुड़े होने का शक है। सिमी आतंकी से गया में मिला था तौसिफ...
- खुफिया एजेंसी के मुताबिक, पकड़े गए दूसरे आतंकी गुलाम सरवर का कनेक्शन सिमी से रहा है। 2008 में अहमदाबाद ब्लास्ट को अंजाम देने के बाद तौसिफ सबसे पहले गया में आकर इसी से मिला था।
- वहीं तीसरा आतंकी शहंशाह उर्फ सानू खां है, जो करमौनी का रहने वाला है। गया के एक स्कूल में टीचर बनकर पनाह पाने वाला तौसिफ इस कदर कट्टरपंथी है, कि उससे जुड़ने वाला हर शख्स जेहादी बन जाता है।

साइबर कैफे से रोज भेजता था अपडेट

- तौसिफ अपनी रोज की एक्टिविटीज का मेल के जरिए जवाब देता था। गया के साइबर कैफे से ही वह मेल भेजता था। टेक्निकल एक्सपर्ट की टीम ने एक कैफे से कंप्यूटर को जब्त किया है, जिसमें मेल तौसिफ से जुड़ी कई जानकारी हैं। शुरुआती जांच में पता चला है कि आतंकी किसी चांद नाम के हैंडलर को मेल करता था, जिनमें पाकिस्तानी नारे और आतंकवाद से जुड़ीं बातें हुआ करती थीं।

आतंकियों के टारगेट पर थीं गया की 3 जगह

- गया की तीन खास जगहें आतंकियों के निशाने पर थीं। देश-विदेश के तीर्थयात्रियों के लिए आस्था का केन्द्र विष्णुपद मंदिर के मेला क्षेत्र, महाबोधि मंदिर के अलावा गया जंक्शन को मुख्य रूप से टारगेट पर रखा गया था। 
- आतंकी तौसिफ विष्णुपद मेला में ब्लास्ट की प्लानिंग कर चुका था। इसके लिए कई महीनों से मेला क्षेत्र की रेकी भी कर रहा था। गया के ही दो संदिग्धों की मदद से वह आसानी से वहां पहुंच पाता था।

12 सांसदों को भेजा था IS से जुड़ा मेल

- पटना एडीजी एसके सिंघल के मुताबिक, गिरफ्तार आतंकियों का कनेक्शन कई सांसदों और अफसरों से होने की बात सामने आई है। तौसिफ के ईमेल से खुलासा हुआ है कि वह इंटरनेट के जरिए आतंकी संगठन IS का प्रचार कर रहा था। उसने कई राज्यों के 12 सांसदों को आईएस से जुड़ा मेल भेजा था, जिसमें आईएस के आदर्शों को बेहतर बताया गया।
- बिहार एटीएस लगातार गुजरात की एजेंसी से बात कर रही है। आतंकी तौसिफ के मोबाइल का सीडीआर खंगाला जा रहा। इससे कई बड़े खुलासे की उम्मीद है।

9 साल से गया में था तौसिफ खान, खड़ा किया IS मॉड्यूल!

# नाम-तौसिफ खान उर्फ अतीक। उम्र-35 वर्ष। रंग गेहुंआ और दिमाग शैतानी। पता-अहमदाबाद का जूहापुरा, यूनाईटेड अपार्टमेंट (फ्लैट नंबर ए-15)...।
- कभी आईएम (इंडियन मुजाहिदीन) की टॉप आतंकियों में शामिल रहे तौसिफ की यही पहचान है। इंजीनियरिंग की डिग्री लेने के बाद वह आतंक की दुनिया में पहुंच गया। ‘अहमदाबाद सीरियल ब्लास्ट’ को अंजाम देने के बाद तौसिफ भाग कर अगस्त, 2008 में गया पहुंचा। फिर डोभी थाने के करमौनी गांव में नाम बदल कर अतीक के रूप में अंडरग्राउंड हो गया। पहले से संपर्क में रहे यहां के सना खान की मदद से उसे करमौनी के मुमताज पब्लिक हाईस्कूल में टीचर की नौकरी मिल गई।
- तौसिफ गणित या साइंस के अलावा बाकी सब्जेक्ट पढ़ाता था। सैलरी के नाम पर एक-दो हजार रुपए ही मिलते थे। 3 साल बाद स्कूल की नौकरी छोड़कर बच्चों को ट्यूशन पढ़ाने लगा। हालांकि, गिरफ्तारी के बाद जब उसका भंडा फूटा तो पता चला कि तौसिफ आईएसआईएस के प्रचार में लगा था। माना जा रहा है कि एजुकेशन की आड़ में उसने आईएस का गया मॉड्यूल तैयार कर लिया हो। हालांकि, एडीजी (हेडक्वार्टर) संजीव कुमार सिंघल ने कहा कि फिलहाल एजेंसियां जांच कर रही हैं।
तौसिफ (मोबाइल हाथ में लिए) ने पूछताछ में बिहार एटीएस को बताया कि उसने गया में तीर्थस्थलों पर आतंकी हमले की साजिश रच रहा था। - Bhaskar

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