वेटलॉस के लिए इफेक्टिव एक्सरसाइज़ नहीं कार्डियो, इन तरीकों से कम करें वजन

वेटलॉस के लिए इफेक्टिव एक्सरसाइज़ नहीं कार्डियो, इन तरीकों से कम करें वजन
इंदौर.फेमस न्यूट्रिशनिस्ट ल्यूक काउटिन्हो के मुताबिक 45 मिनट ट्रेडमिल करना कार्डियो का ट्रेडिशनल तरीका है और आज की लाइफस्टाइल, डाइट और ईटिंग हैबिट्स के मुताबिक यह बिलकुल प्रैक्टिकल नहीं है। इससे आप वेट लूज़ नहीं करेंगे बल्कि और पुट ऑन कर लेंगे क्योंकि इससे भूख बहुत बढ़ेगी।
यह माइंडसेट भी बनेगा कि बहुत कार्डियो कर रहे हैं। सब डाइजेस्ट हो जाएगा। आप ओवरईटिंग कर लेंगे और वेट बढ़ने लगेगा। कार्डियो करना ही है तो 10 मिनट कीजिए। साइक्लिंग और बेहतर कार्डियो होगा लेकिन जिम में नहीं बाहर। खुली हवा में। स्वीमिंग बेस्ट कार्डियो है। 80 फीसदी जिम्स में जो ट्रेडमिल्स हैं वो हल्की क्वालिटी की होती हैं। शॉक रेज़िस्टेंस नहीं होता उनमें। ऐसी ट्रेडमिल पर भागकर आप अपने जॉइंट्स डैमेज कर लेंगे।
जूस योर वेजीज़... ईट योर फ्रूट्स
फलों को खाइए। जूस मत बनाइए। ये कैन्ड जूस पीना भी बंद कीजिए। फलों में एन्ज़ाइम्स, फाइबर और विटामिन्स होते हैं। जैसे ही आप फलों को मिक्सर में ग्राइंड करते हैं उनके अधिकतर विटामिन, एंजाइम्स खत्म हो जाते हैं। फाइबर खत्म हो जाता है। उसके बाद वह सिर्फ शुगर वॉटर बनकर रह जाता है। जिससे कोई फायदा नहीं होगा। वहीं सब्जियों में प्लांट सेल्यूलोज होता है जो कॉम्प्लेक्स होता है। ब्रेकडाउन प्रोसेस उतनी आसान नहीं होती। सब्जियों का जूस पिएंगे तो बॉडी को इन्हें पचाने में दिक्कत नहीं होगी।
बच्चों को शकर की जगह गुड़ या शहद से बनी चीजें खिलाइए
मीठा ब्रेन को स्टिमुलेट करता है। हैप्पी हॉर्मोन्स भी रिलीज़ होते हैं। इसीलिए बच्चे कैंडीज़ और चॉकलेट्स पसंद करते हैं। पेरेंट्स को मेरा सुझाव है कि शुरुआती तीन साल बच्चों को शकर से जितना हो सके दूर रखें। उसके बजाए गुड़ या शहद से बनी चीजें दें। उनके टेस्ट बड डेवलप होते हैं इस दौरान। मेरी तीन साल बेटी ट्याना ने अब तक शकर से बनी चीजें नहीं खाईं। बहुत कैमिकल्स होते हैं शकर में। बल्कि इसे नॉनवेज की कैटेगरी में रखा जाना चाहिए।
फ्रूट्स के ओवर कंजम्प्शन से शाकाहारियों को हो रही नॉन अल्कोहोलिक फैटी लिवर डिसीज़
वेजिटेरियंस सब्ज़ियां और फल ज्यादा खाते हैं। जैनियों में दिनभर में चार से पांच फ्रूट्स परिवार का हर सदस्य खाता है। फलों के ओवर कंमजम्प्शन से यह देखने में आया है कि उनकी बॉडी में यूरिक एसिड लेवल बढ़ जाता है और ऐसे लोगों में नॉन अल्कोहोलिक फैटी लिवर डिसीज़ भी ज्यादातर देखने में आ रही है। मैं खुद कम से कम 20 ऐसे लोगों का फ्रूट कंजम्प्शन कम करके देख चुका है। उनका लिवर अब बेहतर कंडीशन में है।
Source - Danik Bhaskar

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