जानें कैसे होता है ऑनलाइन श्राद्ध, तर्पण और पिंडदान

पितृपक्ष समाप्त होने में बस कुछ ही दिन रह गए हैं. ऐसे में अगर आप विदेश में हैं और कामकाज में व्यस्त होने के कारण श्राद्ध नहीं करा पाए हैं तो चिंता ना करें. क्योंकि पूर्वजों का श्राद्ध कराने के लिए कई वेबसाइट्स ऑनलाइन पिंडदान की सेवा दे रही हैं. इन वेबसाइट्स के जरिये विदेश में रह रहे भारतीय भी पिंडदान कर सकते हैं.

इंटरनेट के जमाने में हर चीज ऑनलाइन उपलब्ध है. यहां तक कि श्राद्ध और तर्पण भी.

इसका एक उदाहरण उज्जेन में देखने को मिला, जहां पंडित देश-विदेश में बैठे लोगों का ऑनलाइन श्राद्ध और तर्पण करा रहे हैं. यह सब वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिये होता है.
जयपुर, उदयपुर और दिल्ली के अलावा नेपाल व अमेरिका में बैठे लोग भी उज्जैन में अपने पूर्वजों का श्राद्ध और तर्पण करा रहे हैं.

कैसे होता है ऑनलाइन श्राद्ध

ऑनलाइन श्राद्ध की इस प्रक्रिया में ब्राह्मण अपने यजमान के साथ मुहूर्त के समय पर स्कैप, एफबी चैट गूगल डयू या किसी अन्य एप्लीकेशन से कनेक्ट होते हैं.

मुहूर्त उज्जैन के समय के हिसाब से निकाला जाता है. यजमान की पूजा की सामग्री की लिस्ट पहले ही वॉट्सएप या मेल से भेज दी जाती है.

तय समय पर यजमान अपने घर में पूजा की सामग्री सजा कर अपने सामने लैपटॉप रखकर बैठ जाते हैं और दूसरी तरफ उज्जैन में पंडित जी और फिर पंडित के बताए मुताबिक यजमान पूजा करते हैं.

ऑनलाइन दक्ष‍िणा भी 

ऑनलाइन पिंडदान कराने के बाद पंडितों को ऑनलाइन ही पेमेंट भी मिल जाता है. कई बार तो पंडित श्राद्ध कराने से पहले ही दक्ष‍िणा एकाउंट में ट्रांसफर करा लेते हैं.

Source - Aaj Tak

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