ब्रिटेन की ठंड में भी सुबह चार बजे नहाता था किसान का ये बेटा, ऐसे बना भारत का PM

पूर्व प्रधानमंत्री डॉं मनमोहन सिंह का 26 सितंबर को बर्थडे है।
नई दिल्ली। देश के पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ब्रिटेन की ठंड में भी सुबह चार बजे नहाते थे। ये बात अर्थशास्त्री जगदीश भगवती ने अपने सहपाठी मनमोहन सिंह के बारे में बताया था। दोनों उस वक्त कैम्ब्रिज यूनिवर्सिटी में साथ पढ़ते थे। पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह का 26 सितंबर को बर्थडे है। इस मौके पर DainikBhaskar.com आपको बता रहा हैं उनसे जुड़ी कुछ दिलचस्प बातें। इंग्लैंड की ठंड में सुबह चार बजे नहाना....
- इकोनॉमिस्ट जगदीश भगवती ने एक लेख में लिखा था कि मनमोहन सिंह के रूटीन फॉलो करने की आदत उन्हें किसी मुकाम पर जरूर ले जाएंगी और ऐसा ही हुआ।
- पूर्व प्रधानमंत्री का जन्म पार्टीशन के पहले पंजाब के गाह बेगल गांव 1932 में हुआ था। पार्टीशन के बाद उनका परिवार भारत आ गया। डेट ऑफ बर्थ पर मनमोहन कहते हैं 26 सितंबर इसलिए मानी जाती है, क्योंकि ये डेट स्कूल के रिकॉर्ड में है।

ऐसे बने देश के पीएम

- मनमोहन सिंह 72 साल की उम्र देश के प्रधानमंत्री बने इस बीच वे कई आयोगों के अध्यक्ष रहे।
- मनमोहन सिंह को 22 मई 2004 को देश का प्रधानमंत्री बनाया गया। इसके पहले वे नरसिम्हा राव सरकार में वित्त मंत्री थे । उस वक्त उनके फैसलों ने देश की अर्थव्यवस्था को आधार दिया।
- कैम्ब्रिज से लौटने के बाद मनमोहन सिंह ने पंजाब यूनिवर्सिटी में पढ़ाया और उसके बाद डी. फिल करने ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी गए।
- दिल्ली स्कूल ऑफ इकोनॉमिक्स में पढ़ाते हुए वे वित्त मंत्रालय के सचिव बनने के साथ ही योजना आयोग के सदस्य बने।
- 1982 में वे रिजर्व बैंक के गवर्नर बने और योजना आयोग के उपाध्यक्ष भी रहे। वीपी सिंह सरकार में वे पीएम के आर्थिक सलाहकार भी रहे।
- अपने राजनीतिक जीवन में डॉ. सिंह 1991 से राज्य सभा के सदस्य रहे, जहां वे 1998 से 2004 तक विपक्ष के नेता थे।
- डॉ. मनमोहन सिंह ने 2004 के आम चुनाव के बाद 22 मई 2004 को प्रधानमंत्री के रूप के शपथ ली और 22 मई 2009 को दूसरी बार प्रधानमंत्री बने।
- डॉ. सिंह और उनकी पत्नी श्रीमती गुरशरण कौर की तीन बेटियां हैं।
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अपने काम में व्यस्त पूर्व पीएम मनमोहन सिंह।

ये हैं डॉ. मनमोहन सिंह के चर्चित बयान

भारत के इतिहास में अगर बहुत ही कम बोलने वाला पीएम कोई हुआ है तो वो बेशक डॉ. मनमोहन सिंह ही हैं। ऐसा इसलिए भी क्योंकि शिक्षित और समझदार व्यक्ति काम के वक्त ही बोलते है। मनमोहन सिंह जब भी बोलते है, वो सुर्खियां बन जाती थी। ऐसे हैं बयान...
- हजारों जवाबों से अच्छी है मेरी खामोशी, न जाने कितने सवालों की आबरू रखी।
- मैं किसी नियम से ऊपर नहीं हूं, अगर ऐसा है कि इस मुद्दे पर सीबीआई या कोई और मुझसे सवाल करना चाहती है तो मेरे पास छुपाने को कुछ नही हैं।
- मेरे दस साल का कार्यकाल इतिहासकारों के मूल्यांकन का विषय हैं।
- मैं एक खुली किताब हूं।
- राजनीति में लंबे समय तक कोई दोस्त या दुश्मन नहीं होता हैं।
Source - Danik Bhaskar

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