खतरे के 48 घंटे, 13 राज्यों पर मौसम के कहर का साया; हरियाणा में स्कूल बंद



राजधानी दिल्ली समेत देश के 13 जिलों में आंधी, तूफान और तेज बारिश की चेतावनी जारी की गयी है। मानसून से पहले मौसम के बदले मिजाज ने लोगों की मुश्किलें बढ़ा दी है। बिन मौसम बारिश किसानों की फसलों को नुकसान पहुंचा रही है, तो वहीं आंधी-तूफान ने कई लोगों की जिंदगी छीन ली है। अगले 48 घंटे देश के 13 राज्यों और दो केंद्र शासित प्रदेशों के लिए खतरे से भरे हुए हैं। मौसम विभाग ने अलर्ट जारी करते हुए कहा है कि अगले 48 घंटों में कुदरत कहर बरपा सकती है। गृह मंत्रालय की ओर से भी कहा गया है कि जम्मू-कश्मीर और हिमाचल प्रदेश के कई स्थानों में आंधी-तूफान और ओलावृष्टि के साथ बारिश हो सकती है।

इन राज्यों में तेज बारिश का खतरा

- असम, मेघालय, नगालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा के कुछ इलाकों में भारी बारिश हो सकती है

- मौसम विभाग के मुताबिक, जम्मू कश्मीर, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़, दिल्ली और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कुछ इलाकों में भी गरज-बरज के साथ बारिश हो सकती है।

पश्चिमी राजस्थान के कुछ स्थानों पर धूल भरी आंधी चल सकती है

- दिल्ली और चंडीगढ़ में तेज बारिश के साथ हवाएं चल सकती हैं

दिल्ली पर मंडरा रहा आंधी-तूफान का खतरा

पश्चिमी विक्षोभ की वजह से दिल्ली एनसीआर व उसके निकटवर्ती राज्‍यों में अगले दो दिनों में आंधी-तूफान के साथ बारिश होने की संभावना जताई जा रही है। इसके चलते दिल्‍ली का तापमान 36 डिग्री तक लुढ़क सकता है। मौसम विभाग का दावा है कि आंधी की तीव्रता 7-8 मई के बीच बढ़ने की संभावना है। विभाग का यह भी दावा है कि यह तुफान केवल दिल्‍ली तक सीमित नहीं रहेगा। आसपास के राज्‍यों (पंजाब, हरियाणा, राजस्‍थान, हिमाचल प्रदेश और उत्‍तर प्रदेश) में भी इसका असर हो सकता है। विभाग के अनुसार पंजाब में अगले 48 से 72 घंटे में हल्‍की बारिश और आंधी-तूफान आ सकता है।

तूफान अलर्ट, हरियाणा के सरकारी व निजी स्कूल रहेंगे बंद

हरियाणा के दूर-दराज इलाकों में 7-8 मई को आंधी-तूफान आने की मौसम विभाग की चेतावनी के बाद राज्य सरकार ने सभी निजी और सरकारी स्कूल बंद रखने का फैसला किया है। राज्य शिक्षा मंत्री राम बिलास शर्मा ने कहा कि मौसम विभाग की चेतावनी के बाद 7-8 मई को स्कूल बंद रखने का फैसला किया गया है। बता दें कि मौसम विभाग ने हरियाणा के दूर-दराज इलाकों में तेज आंधी-तूफान आने का अलर्ट जारी किया है।

यूपी में आंधी-तूफान का खतरा, सहमे लोग

समूचे उत्तर भारत में आंधी-तूफान के खतरे ने लोगों की परेशानी बढ़ा दी है। अचानक बदले मौसम के रुख से लोग घबराए और सहमे हुए हैं। रविवार को उत्तर प्रदेश के विभिन्न स्थानों पर तेज आंधी-पानी के साथ ओलावृष्टि हुई। पेड़ गिरे, बिजली व्यवस्था चरमरा गई। उधर, बीते दिनों आगरा में तूफान ने भारी तबाही मचा दी थी, जिसमें 50 लोगों की जान चली गई थी। रविवार को तेज आंधी के साथ पानी और और ओलावृष्टि से लोग तूफान आने की आशंका पर दहशत में आ गए। जगनेर, फतेहाबाद, शमसाबाद में बाजार बंद हो गए। मैनपुरी में पेड़ गिरने से बच्ची की मौत हो गई। फसलों को नुकसान पहुंचा। आगरा, फीरोजाबाद, मथुरा और मैनपुरी में तेज आंधी आई। कहीं कहीं मोटी बौछार और ओले भी पड़े। इटावा व औरैया में आंधी के बाद बारिश हुई। तेज हवाओं से कई जगह पेड़ गिर गए और खेत में कटी फसल को नुकसान हुआ। बांदा में आंधी के साथ बूंदाबांदी हुई। हमीरपुर में मुख्यालय सहित जिले के अन्य हिस्सों में तेज आंधी के साथ हल्की बारिश हुई। राष्ट्रीय राजमार्ग पर कई स्थानों पर पेड़ गिरने से यातायात बाधित हुआ। बिजली आपूर्ति ठप हो गई।

यूपी के इन जिलों में अभी खतरा बरकरार

मौसम के अप्रत्याशित रवैये से गोरखपुर, बस्ती, मऊ, गाजीपुर, अंबेडकरनगर, संतकबीरनगर, बस्ती, कुशीनगर, महराजगंज, सिद्धार्थनगर, गोंडा, बलरामपुर, श्रावस्ती, पीलीभीत, रामपुर, बरेली, बदायूं, अलीगढ़, एटा, महामाया नगर, मथुरा, गौतमबुद्धनगर, बुलंदशहर, मुरादाबाद, मेरठ, बिजनौर, मुजफ्फरनगर और बागपत जिले प्रभावित हो सकते हैं।

आंधी-तूफान से 4 राज्यों में हुई 124 मौतें

2 मई की रात कुदरत के कहर ने उत्तर प्रदेश, राजस्थान, उत्तराखंड, पंजाब और हरियाणा में करीब 124 लोगों की जान ले ली। मई के पहले सप्ताह में मौसम की ऐसी मनमानी से हर कोई डरा सहमा है। मौसम विभाग ने उत्तर भारत, उत्तर पूर्व और दक्षिण भारत के 13 राज्यों के लोगों को खासतौर पर सतर्क रहने को कहा है। यहां भारी बारिश के साथ तेज तूफान का खतरा है।

आंधी-तूफान से फसलें बर्बाद

पहले ही बिन मौसम बारिश ने किसानों की फसलों को काफी नुकसान पहुंचाया है। अब ओलावृष्टि खेतों में लगी फसलों के लिए तबाही ला सकती है।

पहाड़ी इलाकों में बढ़ी ठंड

उत्तराखंड के ऊपरी इलाकों में तो बर्फबारी और बारिश ने दस्तक भी दे दी है। कड़ाके की ठंड से बचने के लिए लोगों ने गर्म कपड़ों का सहारा तो लिया है, लेकिन भारी बारिश से हालात अब ज्यादा बिगड़ सकते हैं।

Source - Jagran

Follow by Email