'शादीशुदा पुरुष कर रहे खुदकुशी', क्या देश में बनेगा पुरुष आयोग?



सोमवार को दुनिया में विश्व आत्महत्या रोकथाम दिवस मनाया जाएगा. इस मौके पर पीड़ित पुरुषों के लिए काम करने वाले एक गैर सरकारी संगठन का कहना है कि पुरुषों के सुसाइड के आंकड़ों को देखते हुए देश में पुरुष आयोग बनाया जाना चाहिए. 

भाषा के मुताबिक, वर्ल्ड्स राइट्स इनिशिएटिव फॉर शेयर पेरेंटिंग (सीआरआईएसपी) के संस्थापक कुमार जाहगीरदार ने दावा किया है कि राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड्स के आंकड़ें पुरुषों के लिए राष्ट्रीय निकाय गठित करने की मांग को न्योचित ठहराते हैं. उन्होंने कहा कि बहुत से पिता आत्महत्या कर रहे हैं क्योंकि वे अपने बच्चों से मिल नहीं पाते हैं. 



हालांकि, शादी संबंधी समस्याओं से लोगों के आत्महत्या करने के एनसीआरबी के आंकड़ों पर नजर डालें तो पुरुषों की संख्या महिलाओं से कम है. 2015 में शादी संबंधी समस्याओं से तंग आकर 2494 पुरुषों ने आत्महत्या की, जबकि इसी वजह से सुसाइड करने वाली महिलाओं की संख्या 3915 थी.

हाल ही में उत्तर प्रदेश से सत्तारूढ़ भाजपा के दो सांसदों, हरिनारायण राजभर और अंशुल वर्मा ने मांग की थी कि कानून के ‘दुरुपयोग’ की वजह से अपनी पत्नियों की ज्यादतियां सहन करने वाले पुरुषों की शिकायत पर गौर करने के लिए एक आयोग का गठन किया जाना चाहिए.

पुरुषों को महिलाओं से ज्यादा संवेदनशील बताते हुए जाहगीरदार ने कहा कि सरकार को ‘राष्ट्रीय पुरुष आयोग’ के गठन पर विचार करना चाहिए. उन्होंने कहा, ‘पुरुष महिलाओं से ज्यादा खुदकुशी करते हैं. हर साल सैकड़ों पुरुष दहेज के झूठे विवादों के कारण जान दे देते हैं.’ लेकिन एनसीआरबी के आंकड़े कहते हैं कि 2015 में दहेज संबंधी परेशानी से तंग आकर सिर्फ 73 पुरुषों ने आत्महत्या की, जबकि इसी वजह से 1801 महिलाओं की जान चली गई.

Source - Aaj Tak 


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