एशियाड में भारत को कई अनजान चेहरों ने दिलाए गोल्ड, चार ऐसे खेलों में जीते मेडल, जिनमें नहीं खुला था खाता



भारत ने इन एशियाई खेलों में अब तक का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन किया। इसमें कई ऐसे खिलाड़ियों का योगदान रहा, जिनसे शायद ही किसी को पदक की उम्मीद रही होगी। इनमें मनजीत सिंह, सौरभ चौधरी, अंकिता रैना, शार्दुल विहान, तेजिंदर पाल सिंह तूर, स्वप्ना बर्मन, प्रजनेश गणेश्वरन प्रभाकरण, हर्षिता तोमर, प्रणब बर्धन और शिबनाथ सरकार भी शामिल हैं। इसके अलावा, भारत ने टेबल टेनिस, ब्रिज, कुराश और सेपकटकरा में पहली बार पदक जीते। भारत अंक तालिका में 8वें स्थान पर रहा। कुल 69 पदक जीते। इनमें 15 स्वर्ण, 24 रजत और 30 कांस्य शामिल हैं।


भारत ने 7 सेपकटकरा, वुशु, कुराश, ब्रिज, घुड़सवारी के अलावा सेलिंग और रोइंग में पदक जीते। इन खेलों में देश को 18 पदक जीते। भारत की पुरुष हॉकी टीम ने टूर्नामेंट में सर्वाधिक 80 गोल करने का भी रिकॉर्ड भी बनाया। 



प्रणब बर्धन गोल्ड जीतने वाले सबसे उम्रदराज 

ब्रिज : भारत के प्रणब बर्धन और शिबनाथ सरकार की जोड़ी ने मेन्स पेयर में गोल्ड मेडल जीता। प्रणब एशियाई खेलों में स्वर्ण पदक जीतने वाले सबसे उम्रदराज खिलाड़ी बने। वे 60 साल के हैं। ब्रिज को पहली बार एशियाई खेलों में शामिल किया गया। 

800 मीटर : मनजीत सिंह ने स्वर्ण पदक जीता। उनका यह पहला अंतरराष्ट्रीय पदक है। उन्होंने पहली बार 2013 में पुणे में हुई एशियन एथलेटिक्स चैम्पियनशिप में भाग लिया था। तब वे 1:49.70 मिनट के समय के साथ चौथे स्थान पर रहे थे। इस बार उन्होंने 1:46.15 मिनट का समय निकाला।

शॉटपुट : पंजाब के रहने वाले तेजिंदर पाल सिंह तूर ने 20.75 मीटर गोला फेंककर स्वर्ण पदक जीतने के साथ एशियाई खेलों का रिकॉर्ड भी बनाया। इस स्पर्धा में स्वर्ण जीतने वाले वे छठे भारतीय हैं। उनसे पहले 2002 में इंद्रजीत सिंह ने गोल्ड जीता था।

निशानेबाजी : सौरभ चौधरी एशियाई खेलों में स्वर्ण पदक जीतने वाले सबसे कम उम्र के भारतीय निशानेबाज हैं। वे 10 मीटर एयर पिस्टल में गोल्ड जीतने वाले भारत के पहले शूटर हैं। 

हेप्टाथलॉन : स्वप्ना बर्मन ने स्वर्ण पदक जीता। इस स्पर्धा में गोल्ड जीतने वाली वे पहली महिला भारतीय हैं। उनके दोनों पैरों में 6-6 अंगुलियां हैं, जिससे उन्हें अपनी स्पर्धा पूरी करने में काफी कठिनाई हुई। स्पर्धा से पहले वे इंजरी और दांत दर्द से भी परेशान थीं। 

निशानेबाजी : 15 साल के शार्दुल विहान ने डबल ट्रैप में रजत पदक जीता। वे सिर्फ 1 अंक से स्वर्ण पदक से चूक गए थे। उत्तरप्रदेश में मेरठ के सिवाया गांव के रहने वाले शार्दुल पिछले साल तब सबकी नजरों में आए थे, जब उन्होंने नेशनल शूटिंग चैम्पियनशिप में एक ही दिन में 4 गोल्ड मेडल जीते थे। 

टेनिस : अंकिता रैना ने महिला एकल में कांस्य जीता। वे एशियाड में एकल में पदक जीतने वाली दूसरी भारतीय महिला हैं। मई 2018 में उनकी रैंकिंग 181 थी। वे डबल्यूटीए रैंकिंग के टॉप-200 में पहुंचने वाली चौथी खिलाड़ी हैं। उनसे पहले निरुपमा संजीव, सानिया मिर्जा और शिखा ओबेराय यह मुकाम हासिल कर सकी हैं। 

टेनिस : प्रजनेश गणेश्वरन प्रभाकरण ने टेनिस पुरुष एकल में कांस्य पदक जीता। किसी अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिता में उनका यह पहला पदक है। एशियाई खेलों में पदक जीतने वाले वे भारत के छठे टेनिस खिलाड़ी हैं।

सेलिंग : 16 साल की हर्षिता तोमर ने 4.7 ओपन लेजर स्पर्धा का कांस्य पदक जीता। वे व्यक्तिगत स्पर्धा में पदक जीतने वाली देश की सबसे छोटी महिला सेलर हैं।

Source - Dainik Bhaskar 


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