OLX पर खरीदना-बेचना है सामान तो रहिए सावधान, कुछ भी हो सकता है



ओएलएक्स जैसी ऑनलाइन कॉमर्स साइट के जरिए अगर आप टू या फोर व्हीलर गाडिय़ां खरीदते हैं, तो थोड़ा संभल जाएं। हो सकता है जो गाड़ी आप ऑनलाइन खरीद रहे हैं, वो चोरी या लूट की हो। ओएलएक्स और क्विकर जैसी साइट पर सब कुछ बिकता ही नहीं, कुछ लुटता भी है।

पटना पुलिस ही नहीं दूसरे राज्यों की पुलिस भी ऐसे कई गैंग को पकड़ चुकी है, जो ओएलएक्स पर सामान और वाहन का एड देखकर खुद ग्राहक बनकर खरीदने पहुंच जाते हैं। फिर टेस्ट ड्राइव के नाम पर तो कभी सुनसान जगह बुलाकर लूटपाट कर फरार हो जाते हैं।


पटना के एसएसपी मनु महाराज कहते हैं कि आम लोगों को भी सावधान रहने की जरूरत ऐसे साइट्स पर सामान बेचने के साथ सतर्क रहने की जरूरत है। पूर्व में ऐसे कई मामले आ चुके है, जब ओएलएक्स पर बिकने वाले सामान को बदमाश कस्टमर बन खरीदने पहुंच जाते है। ऐसे कई मामलों का पुलिस खुलासा कर चुकी है। बाइकर्स गैंग से लेकर चेन स्नेचर को भी इस साइट्स के जरिए पकड़ा जा चुका है। 

31 मई को कोतवाली थाना क्षेत्र के नेहरू नगर गांधी पथ निवासी मुकेश कुमार को अरुण कुमार राय ने छह माह पूर्व ओएलएक्स के माध्यम से एक कार बेची थी। अरुण ने बदले में स्क्रीन रिपोर्ट दी थी, लेकिन वाहन के कागजात की ट्रांसफर प्रक्रिया पूरी नहीं हो सकी। परेशान होकर मुकेश जिला परिवहन कार्यालय पहुंचा। उसे पता चला कि वह ठगी का शिकार हो चुका है।

पुलिस ने मामले में अरुण को गिरफ्तार कर लिया है। उसकी निशानदेही पर पुलिस ने मल्टीस्टोरी पार्किंग से छह कारें बरामद की, जिसे ओएलक्स पर बेचने की तैयारी कर रहा था। 

ग्राहक बन खरीदने पहुंचे, बाइक और कैश भी लूटा 

कुछ माह पूर्व नालंदा निवासी संजीत कुमार ने अपनी बाइक बेचने के लिए ओएलएक्स पर जानकारी दी थी। गैंग के बदमाश ने फोन किया और सचिवालय थाना के पास बाइक खरीदने के लिए बुलाया। संजीत बाइक लेकर आर ब्लॉक पहुंचा। उसके यहां पहुंचने के बाद गैंग के दो बदमाश टेस्ट ड्राइव के बहाने बाइक लेकर भाग । 

ओएलएक्स पर बिक रही थी वारदात में इस्तेमाल बाइक 

10 जुलाई को अगमकुआं में बाइक सवार दो बदमाशों ने सिविल डिफेंस के एडीजी एके अंबेडकर की मां धर्मशीला देवी से चेन छीनने का प्रयास किया था। पुलिस ने फुटेज से बाइक के नंबर का रिकॉर्ड खंगाला।

पुलिस को सूचना मिली कि उक्त नंबर की एक बाइक ओएलएक्स पर बेची जा रही है। पुलिस ने मोबाइल नंबर पर फोन किया। ग्राहक बनकर बाइक की डील की। फोन पर प्रिंस ही बात कर रहा था। फिर पुलिस ने प्रिंस को जक्कनपुर बस स्टैंड के पास से बाइक के साथ गिरफ्तार कर लिया। 



ऐसे बचें फ्रॉड से 

आइटी एक्सपर्ट की मानें तो ऐसे फ्रॉड से सतर्कता ही आपको बचा सकती है। ऐसे में इन बातों का ख्याल रखें। वाहन खरीदने आने वाले किसी भी व्यक्ति का आधार कार्ड पहले ही ले लें। यदि ग्राहक ओएलएक्स पर विज्ञापन देखकर आया है, तो उसका फेसबुक, ईमेल भी जरूर होगा। 

साइबर क्राइम से निबटने में पुलिस कितनी सक्षम

ऑनलाइन फ्रॉड से बचने के लिए पुलिस लोगों को सतर्क रहने की सलाह देती है। सामान बेचने से पहले कस्टमर से आधार कार्ड, ईमेल चेक करने की बात करती है। लेकिन, साइबर क्राइम से निपटने में पुलिस कमजोर है। थानों में आज भी साइबर एक्सपर्ट नहीं हैं और न ही जिले में साइबर यूनिट शुरू हुई है। 

Source - Jagran 


Follow by Email