31 साल तक ही जिंदा रहीं स्मिता, शादी के लिए राजबब्बर ने छोड़ा था घर



पर्दे पर गंभीर नजर आने वाली एक्ट्रेस स्मिता पाटिल का जन्म 17 अक्टूबर 1956 को हुआ था. उनकी अदाकारी से सभी वाक‍िफ हैं, लेकिन बहुत कम लोग इस बात को जानते हैं कि वो असल ज‍िंदगी में पर्दे से ब‍िल्कुल अलग थीं. महज 31 साल की उम्र में दुन‍िया को अलव‍िदा कहने वाली इस एक्ट्रेस की ज‍िंदगी में हर रंग शामिल थे. 


रिपोर्ट्स के मुता‍ब‍िक वो पर्दे पर भले ही सीरियस रोल में दिखती थीं, लेकिन असल जिदंगी में बहुत शरारती थीं. उन्हें गाड़ी चलाने का बहुत शौक था, इसलिए 14-15 साल की उम्र में ही उन्होंने चुपके से ड्राइविंग सीख ली थी. फिल्मों में आने से पहले वो बॉम्बे दूरदर्शन में एंकर थीं. वहां वो मराठी में न्यूज पढ़ती थीं.


उनकी पर्सनल लाइफ की बात करें तो फिल्म ‘आज की आवाज' में राज बब्बर और स्मिता पाटिल ने साथ काम किया था. उसके बाद इन दोनों का अफेयर शुरू हुआ, लेकिन स्मिता की मां ने उनके और राज को रिश्ते को नकार दिया था. राज बब्बर की पहली शादी नादिरा बब्बर से हुई थी और उन्हें एक बेटा और बेटी भी थे.



1986 में राज बब्बर ने घर छोड़कर स्मिता से शादी की थी. स्मिता ने 28 नवंबर 1986 को बेटे प्रतीक बब्बर को जन्म दिया था. उसी साल 13 दिसंबर को स्मिता ने इस दुनिया को अलविदा कह दिया. 



रिपोर्ट्स के मुताब‍िक स्म‍िता की मौत "ब्रेन इंफेकशन" की वजह से हुई थी. जब उन्हें इलाज के लिए अस्पताल ले जाया गया तो वो अपने बच्चे को छोड़कर हॉस्पिटल जाने को भी तैयार नहीं होती थीं. 





राजबब्बर की ज‍िंदगी में स्मिता की बेहद खास जगह थी. उन्होंने एक इंटरव्यू में कहा था, "नाद‍िरा के साथ बुरे र‍िश्ते की वजह से स्मिता मेरी लाइफ में नहीं आई. वो बस मेरी जिंदगी में शामिल हुईं, इस बात को नाद‍िरा ने भी समझा था." 






प‍िछले साल स्मिता की याद में राजबब्बर ने सोशल मीडिया पर ल‍िखा था. "जब तुम गई थीं तब तुम सिर्फ 31 साल की थीं ... लेकिन हमेशा अपने अनुभवों की सीमा के बहुत आगे खड़ी मिलीं ... जीवन में सब कुछ बहुत जल्द जी लिया. तुम्हारी अनुपस्थिति पर अब भी यक़ीन नहीं होता." 




स्मिता पाटिल के मेकअप आर्टिस्ट दीपक सावंत ने बताया था- "स्मिता कहती थीं कि दीपक जब मैं मर जाऊंगी, तो मुझे सुहागन की तरह तैयार करना. बहुत दुख की बात है कि उनके निधन के बाद मैंने उन्हें सुहागन की तरह सजाया था."
स्मिता की तकरीबन 10 फिल्में उनकी दुन‍िया से चले जाने के बाद र‍िलीज हुई थीं. उन्हें ह‍िंदी स‍िनेमा में बेहतरीन अदाकारी के लिए 2 नेशनल अवॉर्ड, 1982 में फिल्मफेयर और साल 1985 में पद्मश्री से नवाजा गया था. 

Source - Aaj Tak 


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