महिंद्रा की कंपनी लाई दुनिया की सबसे तेज कार, 2 सेकंड में 100KMPH

महिंद्रा की कंपनी लाई दुनिया की सबसे तेज कार, 2 सेकंड में 100KMPH

महिंद्रा समूह ने दुनिया की सबसे तेज रफ्तार हाइपर कार ‘बतिस्ता’ पेश की है. कंपनी ने इसे जिनेवा मोटर शो-2019 के दौरान पेश किया. बतिस्ता को महिंद्रा के मालिकाना हक वाली इटैलियन कंपनी ऑटोमोबिली पिनिनफेरिना ने बनाया है. कार का नाम ‘बतिस्ता पिनिनफेरिना’ के नाम पर रखा गया है, जिन्होंने साल 1930 में कारोजारिया फिनिनफेरिना की स्थापना की थी. इस कंपनी को साल 2015 में भारत के महिंद्रा ग्रुप ने एक्वायर किया था. लग्जरी कारें बनाने में इटली की इस कंपनी का खासा नाम रहा है.
क्यों खास है ये कार?
बतिस्ता की खासियत ये है कि ये फॉर्मूला-वन कारों से भी तेज है. ये एक पावरफुल इलेक्टिक कार है, न कि डीजल या पेट्रोल कार. कार में टॉर्क वेक्टरिंग और ऑल-व्हील ड्राइव दिया गया है. कार में चार इलेक्ट्रिक मोटर हैं. ये हर पहिए के लिए अलग-अलग हैं. ये कुल मिलाकर 1,873 बीएचपी का पावर और 2,300 न्यूटन मीटर NM का पीक टॉर्क जेनरेट करते हैं. इस वजह से ये कार महज 2 सेकंड में ही 100 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार पकड़ लेती है. 12 सेकंड से कम समय में इसकी स्पीड 186 किलोमीटर प्रति घंटे की होगी. कार की टॉप स्पीड 350 किलोमीटर प्रति घंटा है. बतिस्ता का इंजन पिनिनफेरिना ने क्रोएशियाई इलेक्ट्रिक हाइपर कार निर्माता रीमेक के साथ मिलकर डेवलप किया है.
बैट्री पावर कितनी है इस कार की?
ये कार पूरी तरह भविष्य के लिए बनाई गई है. पूरी तरह इलेक्ट्रिक कार की बैट्री रीमेक कंपनी से ली गई है. इसको बतिस्ता की चेसिस पर टी-शेप में बिछाया गया है. बैटरी पैक की कुल क्षमता 120 किलोवॉट है. इसे एक बार चार्ज करने पर कार 450 किलोमीटर तक जाएगी. बतिस्ता में डीसी फास्ट चार्जिंग की सुविधा भी होगी. कार की चेसिस कार्बन फाइबर मोनोकोक है. इसका फ्रंट और रियर एल्युमिनियम क्रैश स्ट्रक्चर के साथ होगा. कार का बॉडी पैनल कार्बन-फाइबर का है. कार के हर व्हील पर 6-पिस्टन कैलिपर्स के साथ बड़े 390 मिलीमीटर के कार्बन सिरेमिक डिस्क ब्रेक्स दिए गए हैं. कार का इंटीरियर भी काफी शानदार है.
कब से आएगी बाजार में?
कार की कमर्शियल लॉन्चिंग 2020 में होगी. पिनिनफेरिना बटिस्टा की केवल 150 यूनिट्स तैयार की जाएंगी. इसमें 50 को यूरोप, 50 को नॉर्थ अमेरिका और आखिरी 50 को मिडिल ईस्ट और एशिया में भेजा जाएगा. कार की लॉन्चिंग के साथ महिंद्रा समूह के चेयरमैन आनंद महिंद्रा ने इस कार का एक वीडियो ट्विटर पर पोस्ट किया है. उन्होंने लिखा, ‘जो बतिस्ता के डिटेल अभी तक नहीं देख सके हैं. उनके लिए यहां बेहतरीन फीचर्स हैं.’
आनंद महिंद्रा ने एक और ट्वीट करके कहा, ‘ मैंने डैन से ऑटोमोबिली पिनिनफेरिना के मुख्य ब्रांड अधिकारी से पूछा कि क्या वे आज दोपहर जेनेवा ऑटो शो में हमारे #Battista लॉन्च पर खुश थे. जवाब में उन्होंने ये तस्वीरें भेजीं. उन्होंने जो दिलचस्पी दिखाई हम आभारी हैं.’
महिंद्रा के लिए क्यों खास है ये कार?
#इस गाड़ी की ताकत 1900 बीएचपी के बराबर है, जो कि फॉर्मूला वन कार के मुकाबले दोगुनी है. बीबीसी के मुताबिक इस मौके पर पिनिनफेरिना के मुख्य कार्यपालक माइकल पर्सचके ने बताया, ‘ये ताकत को लेकर दीवानगी है. ये कार इस बात का जवाब है कि हाई परफॉरमेंस और इलेक्ट्रिक कार साथ-साथ नहीं हो सकते. बतिस्ता अकेली हाईपरकार नहीं है, जिसका प्रदर्शन जिनेवा में किया गया. इसके अलावा रीमेक की कॉन्सैप्ट टू कार और टेस्ला की रोडस्टार का भी प्रदर्शन किया गया. पर इसमें कोई शक नहीं कि बतिस्ता सबसे शानदार है.
#आनंद महिंद्रा ने दिसंबर 2018 में एक ट्वीट के जरिए इस खबर की तस्दीक की थी कि कंपनी दुनिया की सबसे तेज कार बनाने की दिशा में काम कर रही है. इस वक्त दुनिया की सबसे तेज कही जाने वाली कार बुगाटी वेरॉन (Bugatti Veyron) है. इसकी पावर 1050 बीएचपी की है.
#टेक महिंद्रा और महिंद्रा एंड महिंद्रा ने मिलकर 14 दिसंबर, 2015 को इटली की ऑटोमोबाइल डिज़ाइन कंपनी पिनिनफेरिना का अधिग्रहण किया था. कंपनी ने इसके 76 फीसदी शेयर खरीद लिए थे. ये सौदा करीब 165 मिलियन डॉलर का था. इस डील में टेक महिंद्रा की 60 फीसदी और महिंद्रा एंड महिंद्रा की 40 फीसदी हिस्सेदारी थी. अधिग्रहण के बाद भी महिंद्रा ने पिनिनफेरिना को काम करने के लिए फ्री हैंड दिया. कंपनी के चेयरमैन अब भी पाओलो पिनिनफेरिना हैं. इस अधिग्रहण के बाद महिंद्रा दुनिया की टॉप 50 ऑटोमोबाइल कंपनियों में शामिल हो चुकी है.
#पिनिनफेरिना का कार डिजाइनिंग में जबरदस्त नाम है. कंपनी फरारी के कई मॉडलों की डिजाइनिंग कर चुकी है. इसके अलावा फिएट, एल्फा रोमियो, बेंटले, बीएमडब्ल्यू और मसराती के भी कई मॉडल पिनिफेरिना ने डिजाइन किए हैं. इस कंपनी की स्थापना बतिस्ता पिनिनफेरिना ने गाड़ियों को डिजाइन करने के लिए 1930 में की थी. साल 1966 में उनकी मौत के बाद उनके बेटे सर्जियो और दामाद रेंजों कार्ली ने इस कंपनी को चलाया. महिंद्रा ने इस कंपनी के अलावा दक्षिण कोरिया की एसयूवी निर्माता कंपनी सैंगयोंग और फ्रांस की स्कूटर निर्माता कंपनी पियाजियो का भी अधिग्रहण किया था.
Source - Lallan Top

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