कहीं बुर्का तो कहीं जींस पहनने पर लगी रोक, ये हैं इन देशों के नियम



दुनिया में कई देश हैं और सभी देशों को अपने नियम और कानून हैं. ऐसे देश नागरिकों की सुरक्षा और जरूरत के अनुसार कुछ सेवाओं, खानपान और फैशन पर बैन लगा देते हैं. आइए जानते हैं किस देश ने किन चीजों पर बैन लगाया हुआ है.




भारत में जारवा जनजाति से आम लोगों की मुलाकात पर बैन
अंडमान निकोबार में जारवा जनजाति" (Jarawa Tribe) को मानव सभ्यता की सबसे पुरानी जनजाति है. लेकिन बाहरी लोगों को इनसे मिलने की अनुमति नहीं है. ऐसा माना जाता है कि वो किसी भी बाहरी इंसान से संपर्क नहीं रखना चाहते. बाहरी लोगों के संपर्क में आने से इन्हें कई प्रकार की बीमारी लगने का खतरा है. अंडमान की "जारवा जनजाति" हिंद महासागर के टापुओं पर पिछले रहती है. सरकार ने 
सरकार ने यह बैन "अंडमान और निकोबार द्वीप समूह विनियमन, 2014" के आधार पर लगाया है.

उत्तरी कोरिया

उत्तरी कोरिया के नेता किम जोंग ने में ब्लू जींस पहनने पर प्रतिबंध लगा दिया था. उनका कहना है कि इससे अमेरिकी कल्चर को बढ़ावा मिलता है. साल 2016 से पश्चिमी सभ्यता के प्रतीक ब्लू जींस के पहनने पर प्रतिबंध लगा दिया था.

चीन में गूगल बैन

भारत के पड़ोसी देश कहे जाने वाले चीन ने सर्च इंजन गूगल की सेवाओं पर रोक लगा दी थी. वह अपना सर्च इंजन ही इस्तेमाल करते हैं. बता दें, चीन में फेसबुक भी बैन है.

यूरोप के कई देशों में बुर्का बैन

देश में सुरक्षा को बढ़ावा देने के लिए यूरोप के बहुत से देशों ने मुस्लिम महिलाओं के बुर्का पहनने पर रोक लगा थी. जिसमें फ्रांस, न्‍यूजीलैंड, ब्रिटेन शामिल है. आपको बता दें, शिवसेना पार्टी ने भारत में भी बुर्का बैन की मांग की थी. हालांकि अभी बुर्का बैन को लेकर भारत में कोई नियम नहीं बना है. 

सिंगापुर में च्यूइंग गम बैन

सिंगापुर में च्यूइंग गम पर बैन है. सिर्फ दवाई के रूम में च्यूइंग गम चबाने की आज़ादी है, वो भी अगर आपको डॉक्टर ने सलाह दी है तो. साल 1992 से सिंगापुर में ये बैन कायम है. 

Source - Aaj Tak