कोरोना के लिए इतना न कोसिये, इस राज्य में पूजे भी जाते हैं चमगादड़



पूरी दुनिया में फैले कोरोना वायरस को लेकर हर कोई चमगादड़ों को कोस रहा है. इससे पहले केरल में फैले निपाह वायरस को लेकर भी चमगादड़ों को वजह माना गया था. लेकिन, क्या आपको पता है भारत के एक राज्य में ऐसी जगह भी है जहां देवताओं की तरह चमगादड़ों की पूजा होती है. यही नहीं चमगादड़ों का मंदिर भी बनाया गया है. जानिए- क्या है इसके पीछे की वजह. 

ये जगह है बिहार का वैशाली जिला, जहां चमगादड़ों की पूजा एक मंदिर में की जाती है. लोग चमगादड़ों को ग्राम देवता मानते हैं. लोगों का ये भी विश्वास है कि जहां चमगादड़ रहते हैं वहां कभी धन और संपन्नता की कमी नहीं होती है. 
बिहार की राजधानी पटना और मुजफ्फरपुर के बीच आने वाले वैशाली जिले की पहचान कई उपन्यासों और कहानियों में भी मिलती है. यहां की एक किवदंती के अनुसार राजापाकड़ प्रखंड के सरसई स्थित रामपुर रत्नाकर गांव में हजारों की संख्या में चमगादड़ पूरे गांव की रक्षा करते हैं. 

इन चमगादड़ों की प्रसिद्धि अब दूर-दूर तक हो चुकी है. अब तो लोग इन चमगादड़ों को देखने के लिए भी आते हैं. देश-विदेश के पर्यटक भी यहां चमगादड़ों को देखने पहुंचते हैं. अब इसकी एक पहचान चमगादड़ों के गांव के तौर पर भी हो चुकी है. 

गांव के लोगों की मानें तो उस गांव में महामारी फैलने के बाद लोगों का ये विश्वास पक्का हो गया कि उन्हें चमगादड़ों ने ही इससे निजात द‍िलाई. फिर इसके बाद वहां के राजा शिव सिंह ने वर्ष 1402 में एक तालाब का निर्माण कराया था जिसके किनारे लगे पीपल और अन्य पेड़ों पर इन चमगादड़ों का बसेरा है.

स्थानीय आरएन कॉलेज के प्रोफेसर एसपी श्रीवास्तव ने बताया कि चमगादड़ों के शरीर से निकलने वाली गंध उन विषाणुओं को नष्ट कर देती है जो मनुष्य के शरीर के लिए नुकसानदेह माने जाते हैं. 

मौजूदा परिदृश्य में ऐसा माना जा रहा है कि चीन से कोरोना वायरस पूरी दुनिया में फैलने की वजह ये चमगादड़ ही हैं. इस कोरोना वायरस की चपेट में आकर अबतक दुनियाभर में हजारों लोगों की जान जा चुकी है और लाखों लोग इस वायरस की जद में हैं.

Source - Aaj Tak 

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